आदिवासी महोत्सव 2026 की तैयारियों का मोराबादी मैदान में अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने निरीक्षण किया। अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश दिए।
News Saga Desk
रांची: आदिवासी महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर झारखंड सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने रांची के मोराबादी मैदान का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आदिवासी महोत्सव 2026 की सभी तैयारियां तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान और आदिवासी परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
तैयारी की प्रगति का लिया विस्तृत जायजा
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने आयोजन स्थल पर चल रहे निर्माण कार्यों, मंच निर्माण, स्टॉल लगाने की व्यवस्था, पार्किंग क्षेत्र और प्रवेश-निकास मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि आदिवासी महोत्सव 2026 में बड़ी संख्या में राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचेंगे। ऐसे में आयोजन स्थल की हर व्यवस्था व्यवस्थित और सुरक्षित होनी चाहिए ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान वंदना दादेल ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, चिकित्सा सुविधा और अग्निशमन व्यवस्था को भी पूरी तरह दुरुस्त रखने पर जोर दिया। उनका कहना था कि आदिवासी महोत्सव 2026 में आने वाले प्रत्येक आगंतुक को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि आयोजन की सफलता केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों के बेहतर समन्वय से ही इसे सफल बनाया जा सकता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि गृह विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, जनजातीय कल्याण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां नियमित रूप से समन्वय बैठकें करें और कार्यों की समीक्षा करती रहें। इससे किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सकेगा।
आदिवासी महोत्सव 2026 का महत्व
आदिवासी महोत्सव 2026 झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, हस्तशिल्प, संगीत और लोकनृत्यों को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है। इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है।
मोराबादी मैदान में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम विभिन्न जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों को भी अपनी प्रतिभा और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री, TRI निदेशक आलोक एस कच्छप और नगर पुलिस अधीक्षक पारस राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे।
सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और तय समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का भरोसा दिलाया।
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने स्पष्ट कहा कि “आदिवासी महोत्सव 2026 की सभी तैयारियां समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, पार्किंग और आगंतुक सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें ताकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।”
प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि महोत्सव में आने वाले सभी आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। आयोजन स्थल पर पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि आयोजन से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण कर लिया जाए ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
झारखंड सरकार का उद्देश्य आदिवासी महोत्सव 2026 को राज्य के सबसे भव्य और सुव्यवस्थित सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल करना है। प्रशासन का मानना है कि बेहतर योजना, समयबद्ध कार्य और विभागीय समन्वय से यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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