लखनऊ में सपा विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। सचिन यादव के निलंबन के विरोध में शिवपाल यादव समेत नेताओं ने प्रदर्शन किया।
News saga Desk
लखनऊ, 05 अगस्त: उत्तर प्रदेश विधान भवन परिसर में सपा विधायक धरने पर बैठे हैं। विधानसभा में मंगलवार को हुए हंगामे के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक बुधवार को भी चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करते नजर आए। धरने में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे समेत पार्टी के कई विधायक शामिल हुए। विधायकों के हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखे पोस्टर दिखाई दिए। इनमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और छात्रों की समस्याओं के साथ-साथ राम मंदिर चढ़ावे से जुड़ा मुद्दा भी उठाया गया।
सपा विधायकों का यह प्रदर्शन विधानसभा में पार्टी विधायक इंजीनियर सचिन यादव के पूरे सत्र के लिए निलंबन के बाद शुरू हुआ है। मंगलवार को सदन में हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विरोध जताते हुए धरना शुरू किया। बुधवार को भी सपा विधायक धरने पर बैठे रहे, जिससे विधानसभा परिसर में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।
सचिन यादव के निलंबन के बाद शुरू हुआ विरोध
विधानसभा में मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामे के बाद सपा विधायक इंजीनियर सचिन यादव के खिलाफ कार्रवाई की गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। सपा ने इस कार्रवाई को लेकर विरोध जताया और अपने विधायक के समर्थन में धरना शुरू किया।
सपा विधायकों का कहना है कि सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी विधायक विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। सपा विधायक धरने पर बैठे होने के कारण विधान भवन परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी के विधायकों ने धरने के लिए चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने का स्थान चुना। चौधरी चरण सिंह को किसानों के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही सपा के लिए यह स्थान राजनीतिक और प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धरने में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे भी मौजूद रहे। उनके साथ पार्टी के अन्य विधायक भी सरकार विरोधी पोस्टर लेकर बैठे। पोस्टरों के जरिए अलग-अलग जनसमस्याओं को उठाया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

प्रदर्शन के दौरान सपा विधायकों ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा महिलाओं, युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को भी पोस्टरों के माध्यम से सामने रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इन समस्याओं पर जवाब देने की मांग की।
धरने में राम मंदिर चढ़ावे से जुड़ा मुद्दा भी पोस्टरों में दिखाई दिया। सपा विधायकों ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाए और नारेबाजी की। पार्टी का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार उठाती रहेगी।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान हंगामे की स्थिति बनी थी। इसी दौरान सपा विधायक इंजीनियर सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया। निलंबन के बाद समाजवादी पार्टी के विधायकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
बुधवार को भी इस कार्रवाई का असर विधानसभा परिसर में देखने को मिला। सपा विधायक धरने पर बैठे और उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस विरोध को और राजनीतिक महत्व दे दिया है।
सपा विधायकों के लगातार धरने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष लगातार सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं, सरकार की ओर से सदन की कार्यवाही को नियमों के अनुसार संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है।
सचिन यादव के निलंबन को लेकर सपा के विरोध के बीच आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही के दौरान भी हंगामे की स्थिति देखने को मिल सकती है। सपा विधायक धरने पर बैठे रहने के कारण यह मुद्दा फिलहाल विपक्ष की रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मंगलवार को सपा विधायक इंजीनियर सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया था। इसके बाद सपा विधायकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। बुधवार को शिवपाल यादव, माता प्रसाद पांडे और अन्य सपा नेता धरने में शामिल हुए।
धरने के दौरान विधायकों ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और छात्रों की समस्याओं सहित विभिन्न मुद्दों को उठाया। फिलहाल प्रदर्शन के बीच विधानसभा परिसर में राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं और इस मुद्दे पर स
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