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केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन और गृह सचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल एक-एक साल बढ़ाया है। DoPT ने 5 अगस्त को आदेश जारी किया।

केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के कार्यकाल में एक-एक साल का विस्तार किया है। कैबिनेट और गृह सचिव का कार्यकाल बढ़ाने से केंद्र की शीर्ष प्रशासनिक व्यवस्था में निरंतरता बनी रहेगी। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने दोनों अधिकारियों के सेवा विस्तार से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 5 अगस्त को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया।
दोनों अधिकारी केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढांचे में बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। एक ओर कैबिनेट सचिव विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय और सरकार के नीतिगत फैसलों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वहीं गृह सचिव आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों की निगरानी करते हैं।
टी.वी. सोमनाथन को एक साल का विस्तार
सरकार के आदेश के अनुसार, 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी डॉ. टी.वी. सोमनाथन 30 अगस्त 2026 के बाद भी एक वर्ष तक कैबिनेट सचिव के पद पर बने रहेंगे।
कैबिनेट सचिव भारत सरकार के सबसे वरिष्ठ नौकरशाह होते हैं। केंद्र सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था में इस पद की भूमिका बेहद अहम होती है। कैबिनेट सचिव प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट व्यवस्था में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
टी.वी. सोमनाथन इससे पहले वित्त सचिव सहित केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके अनुभव को देखते हुए कार्यकाल विस्तार को प्रशासनिक निरंतरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गोविंद मोहन का भी बढ़ा कार्यकाल
केंद्र सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के कार्यकाल में भी एक वर्ष का विस्तार किया है। 1989 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी गोविंद मोहन अब 22 अगस्त 2027 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, गृह सचिव के पद पर बने रहेंगे।
गृह मंत्रालय देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों का जिम्मेदार मंत्रालय है। ऐसे में गृह सचिव की भूमिका राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामलों में काफी अहम मानी जाती है।
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गोविंद मोहन के कार्यकाल में विस्तार के साथ गृह मंत्रालय में प्रशासनिक निरंतरता बनी रहने की संभावना है। खासतौर पर आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय स्तर की नीतियों से जुड़े मामलों में अनुभव का लाभ सरकार को मिल सकता है।
कैबिनेट और गृह सचिव का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला संबंधित सेवा नियमों में निर्धारित प्रावधानों के तहत किया गया है। आदेश के अनुसार, दोनों अधिकारियों को सेवा विस्तार FR 56(d) और All India Services (Death-cum-Retirement Benefits) Rules, 1958 के नियम 16(1A) में निर्धारित प्रावधानों में छूट देते हुए दिया गया है।
इस तरह सरकार ने दोनों शीर्ष अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों पर अतिरिक्त अवधि तक बनाए रखने का औपचारिक निर्णय लिया है। DoPT की ओर से जारी आदेश के बाद यह फैसला प्रभावी हो गया है।
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