अमरनाथ यात्रा में जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रिकॉर्ड 9,837 श्रद्धालु रवाना हुए। 361 वाहनों के काफिले के साथ पहलगाम और बालटाल मार्ग पर यात्रा जारी है।
अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से अब तक का सबसे बड़ा जत्था पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुआ। एक ही दिन में रिकॉर्ड 9,837 श्रद्धालु 361 वाहनों के काफिले के साथ पहलगाम और बालटाल के दोनों आधार शिविरों के लिए निकले। प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।

रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु हुए रवाना
अमरनाथ यात्रा के सातवें जत्थे में कुल 9,837 तीर्थयात्री शामिल रहे। अधिकारियों के अनुसार, 188 वाहनों में 5,337 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग के लिए रवाना हुए, जबकि 173 वाहनों में 4,500 श्रद्धालु बालटाल मार्ग के लिए निकले।
इस जत्थे में 6,684 पुरुष, 2,730 महिलाएं, 21 बच्चे, 320 साधु, 80 साध्वियां तथा दो ट्रांसजेंडर श्रद्धालु शामिल हैं। श्रद्धालुओं में बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
भगवती नगर आधार शिविर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बुधवार सुबह से ही जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुरक्षा जांच के उपरांत अपने-अपने वाहनों में सवार होकर यात्रा के लिए रवाना हुए।
प्रशासन ने सभी यात्रियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है यात्रा
अमरनाथ यात्रा को लेकर इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल (सीएपीएफ), प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन दल, अग्निशमन सेवा और अन्य विभाग भी यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। मार्ग पर चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
Background
हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए इस यात्रा में भाग लेते हैं। यात्रा दो प्रमुख मार्गों—पारंपरिक पहलगाम मार्ग और छोटे बालटाल मार्ग—से संचालित की जाती है।
इस वर्ष 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई है और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा।
Impact
रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के रवाना होने से स्पष्ट है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा को लेकर लोगों में गहरी आस्था और उत्साह है। बड़ी संख्या में यात्रियों के आने से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
Official Statement
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को अब तक का सबसे बड़ा जत्था भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा के कड़े इंतजामों और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत पहलगाम एवं बालटाल मार्ग की ओर भेजा गया है। प्रशासन ने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
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Public Information
यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल पंजीकरण और अनुमति के बाद ही यात्रा करें, मौसम संबंधी सलाह का पालन करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन सहायता की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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