Murshidabad Rail Accident में तीन लोगों की मौत के बाद रेलवे ने गेटमैन को गिरफ्तार कर सुपरवाइजर को निलंबित किया। मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
News Saga Desk
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक Murshidabad Rail Accident ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूर्व रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में गेटमैन और उसके सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया। कुछ ही देर बाद बहारामपुर थाना पुलिस ने गेटमैन को गिरफ्तार भी कर लिया।
रेलवे प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।
कैसे हुआ Murshidabad Rail Accident?
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे कर्णसुबर्ण स्टेशन और गोबिंदपुर के बीच स्थित रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर हुआ। बताया जा रहा है कि हावड़ा-नवद्वीप एक्सप्रेस के गुजरने के बाद गेटमैन ने रेलवे फाटक खोल दिया।
फाटक खुला देखकर स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक टाटा सूमो रेलवे लाइन पार करने लगी। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही निमतिता-कटवा लोकल ट्रेन ने वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और आसपास अफरा-तफरी मच गई।
तीन लोगों की मौत, कई घायल
Murshidabad Rail Accident में दो स्कूली बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने अस्पताल में विशेष मेडिकल टीम तैनात की है ताकि घायलों को बेहतर इलाज मिल सके।
रेलवे ने की सख्त कार्रवाई
हादसे के तुरंत बाद पूर्व रेलवे ने ड्यूटी में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए गेटमैन और उसके सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके कुछ समय बाद बहारामपुर थाना पुलिस ने गेटमैन को गिरफ्तार कर लिया।

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेलवे ने इस पूरे मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की बात कही है।
उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन
Murshidabad Rail Accident की जांच के लिए पूर्व रेलवे ने अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) के नेतृत्व में 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। समिति को दुर्घटना के कारणों और संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे।
रेलवे क्रॉसिंग सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे लेवल क्रॉसिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे फाटक संचालन में जरा सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए और कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। इस दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है।
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पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता
रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, राज्य सरकार ने भी प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है।
प्रशासन ने घायलों के बेहतर उपचार और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस और रेलवे की टीमें घटना की जांच में जुटी हुई हैं और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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