CM Yogi ने श्रावण के पहले दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक और कालभैरव मंदिर में पूजा की। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए।
News Saga Desk
श्रावण मास के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री CM Yogi ने वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने काशी के कोतवाल माने जाने वाले बाबा कालभैरव मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। श्रावण मास के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री की इस धार्मिक यात्रा को लेकर मंदिर परिसर में विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने बाबा कालभैरव का लिया आशीर्वाद
अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री सर्किट हाउस से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सबसे पहले बाबा कालभैरव मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की खुशहाली की प्रार्थना की। मंदिर परिसर और आसपास मौजूद श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया, जिसका उन्होंने हाथ जोड़कर उत्तर दिया।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों से सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में जानकारी भी ली। इसी दौरान उन्होंने एक दुकान पर बैठे छोटे बच्चे को स्नेहपूर्वक चॉकलेट भेंट कर उसका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री का यह सहज व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में किया जलाभिषेक
बाबा कालभैरव मंदिर से निकलने के बाद CM Yogi श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर षोडशोपचार विधि से बाबा विश्वनाथ की पूजा-अर्चना की और पवित्र ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से प्रदेश में सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने पर पूरा परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त किया। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
श्रावण में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
श्रावण मास में लाखों श्रद्धालुओं के काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। मंदिर परिसर में सुगम दर्शन, प्रभावी भीड़ प्रबंधन, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो और श्रद्धालुओं को सहज एवं सुरक्षित वातावरण में दर्शन का अवसर मिले।
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मंदिर प्रशासन ने बताई तैयारियां
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, ग्लूकोज और ओआरएस की उपलब्धता, स्वास्थ्य सहायता केंद्र, हेल्प डेस्क तथा प्रभावी भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती भी बढ़ाई गई है ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं। हर वर्ष सावन में मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाएं की जाती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हर वर्ष सावन के अवसर पर बाबा विश्वनाथ और बाबा कालभैरव के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हैं।
मुख्यमंत्री CM Yogi ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावण मास में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रावण मास में काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने हेल्प डेस्क, स्वास्थ्य सहायता केंद्र, पेयजल, ओआरएस, ग्लूकोज तथा प्रभावी भीड़ प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था का पालन करने की अपील भी की है।
मुख्यमंत्री के निरीक्षण और निर्देशों के बाद श्रावण मास में काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किए जाने की उम्मीद है। इससे लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन का लाभ मिलेगा तथा धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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