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14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज, सीआईडी ने पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से परीक्षा प्रक्रिया, एजेंसी चयन और प्रशासनिक निर्णयों पर पूछे सवाल।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते बुधवार को लगातार दूसरे दिन CID मुख्यालय पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ की। लगातार दो दिनों तक चली पूछताछ को जांच के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
इससे पहले मंगलवार को भी एल. ख्यांग्ते से कई घंटों तक पूछताछ की गई थी। पहली पूछताछ के बाद सीआईडी अधिकारियों ने उन्हें अगले दिन फिर से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। बुधवार को हुई दूसरी पूछताछ में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर उनका पक्ष जाना गया।
परीक्षा प्रक्रिया के हर पहलू की हो रही जांच
सूत्रों के अनुसार, CID परीक्षा से जुड़े प्रत्येक चरण की गहन जांच कर रही है। एजेंसी परीक्षा आयोजन, प्रशासनिक निर्णय, दस्तावेजों की प्रक्रिया, अधिकारियों की भूमिका और परीक्षा संचालन से संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा संचालन के दौरान कहीं निर्धारित नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी या संस्था की बनती है, इसकी भी जांच की जा रही है।
एजेंसी चयन और प्रशासनिक फैसलों पर उठे सवाल
पूछताछ के दौरान सीआईडी अधिकारियों ने पूर्व अध्यक्ष से कई अहम विषयों पर जवाब मांगे। इनमें विशेष रूप से उस एजेंसी के चयन को लेकर सवाल पूछे गए, जिस पर पहले से ब्लैकलिस्ट होने के आरोप लगाए गए हैं।
इसके अलावा परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं, आयोग के अधिकारियों के बीच समन्वय, प्रशासनिक निर्णयों और उप परीक्षा नियंत्रक के तबादले के बाद भी उनके JPSC में कार्यरत रहने जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी इन सभी पहलुओं को उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के साथ मिलान कर रही है ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
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जानकारी के अनुसार, एल. ख्यांग्ते ने जांच अधिकारियों को बताया कि आयोग की ओर से लिए गए सभी निर्णय निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप थे। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन में अपनाई गई प्रक्रिया नियमानुसार थी और उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया।
बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने कई आरोपों के संबंध में अनभिज्ञता भी जताई और कहा कि आयोग के सभी निर्णय नियमों के दायरे में लिए गए थे।
पहले हो चुकी है दस्तावेजों की तलाशी
इस मामले में सीआईडी पहले ही पूर्व अध्यक्ष के सरकारी आवास और JPSC कार्यालय स्थित उनके कक्ष की तलाशी ले चुकी है। तलाशी अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की गई थी।
माना जा रहा है कि अब उन्हीं दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ को आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच एजेंसी दस्तावेजों का मिलान अधिकारियों के बयानों से भी कर रही है।
JPSC 14th Civil Services Exam में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत सीआईडी लगातार साक्ष्य जुटा रही है। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सीआईडी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
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