JPSC परीक्षा गड़बड़ी: पूर्व अध्यक्ष से तीसरे दिन पूछताछ

NEWS SAGA DESK

JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से तीसरे दिन भी CID पूछताछ जारी है। पहले दो दिनों में परीक्षा और चयन प्रक्रिया पर सवाल हुए।

रांची में JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से शुक्रवार 31 जुलाई को तीसरे दिन भी CID की पूछताछ जारी है। कड़ी सुरक्षा के बीच एल खियांग्ते CID कार्यालय पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे परीक्षा संचालन और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी ली। इससे पहले 28 और 29 जुलाई को भी उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई थी।

रांची में JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले की

JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। CID की SIT परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, चयन प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की पड़ताल कर रही है। इस मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, जबकि पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ किए जाने की बात कही गई है।

तीसरे दिन भी CID कार्यालय पहुंचे एल खियांग्ते

पूर्व JPSC अध्यक्ष एल खियांग्ते शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच CID कार्यालय पहुंचे। यहां जांच अधिकारियों ने उनसे लगातार तीसरे दिन पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसी परीक्षा संचालन, चयन प्रक्रिया और कथित गड़बड़ियों से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को समझने का प्रयास कर रही है।

इससे पहले मंगलवार 28 जुलाई को उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ हुई थी। पूछताछ के दौरान CID ने उनका पासपोर्ट भी जब्त किया था। जांच अधिकारियों ने उनसे ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन में उनकी कथित भूमिका को लेकर सवाल किए थे।

पहले दो दिनों में पूछे गए कई अहम सवाल

जांच के पहले दिन SIT ने एल खियांग्ते से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल कंपनी के चयन को लेकर सवाल किए। अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन में उनकी क्या भूमिका थी और संबंधित प्रक्रिया किस आधार पर पूरी की गई।

इसके अलावा TDPL के मार्केटिंग मैनेजर और वर्तमान में खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत अभय तिवारी के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर भी सवाल किए गए। उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के तबादले के बाद भी JPSC में बने रहने से संबंधित सवाल भी पूछे गए।

जांच के दौरान खियांग्ते ने कथित तौर पर कई सवालों के जवाब में कहा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत हुई। हालांकि, जांच एजेंसी इन बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर रही है। दूसरे दिन परीक्षा संचालन और चयन प्रक्रिया पर पूछताछ 29 जुलाई को भी एल खियांग्ते से कई घंटे तक पूछताछ हुई। दूसरे दिन जांच अधिकारियों ने परीक्षा संचालन, चयन प्रक्रिया और भर्ती से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर उनसे विस्तृत जानकारी ली।

CID की SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन हुआ था या नहीं और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई तो उसमें किन लोगों की भूमिका रही। दस्तावेजों और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

अभ्यर्थियों से OMR शीट की कॉपी मांगी

JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच CID ने प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित अभ्यर्थियों से उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी मांगी है। जांच एजेंसी ने इसके लिए WhatsApp नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की है।

CID की SIT ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे पेपर-1 और पेपर-2 की OMR शीट की कार्बन कॉपी का PDF या उसकी तस्वीर जांच एजेंसी को भेजें। इसके लिए WhatsApp नंबर 9934309058 और ईमेल आईडी Complainjpsc.cid@jhpolice.gov.in जारी की गई है।

इस कदम का उद्देश्य परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच में अभ्यर्थियों से उपलब्ध दस्तावेज जुटाना और रिकॉर्ड का मिलान करना बताया जा रहा है।

अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी

मामले की जांच के दौरान CID पहले ही कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। एल खियांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और JPSC कार्यालय से दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इसके अलावा TDPL के कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में लिए जाने की जानकारी है।

JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में अब तक उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी होने की बात सामने आई है। जांच आगे बढ़ने के साथ और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

21 जुलाई को दिया था अध्यक्ष पद से इस्तीफा

एल खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे के बाद आयोग का अध्यक्ष पद खाली है। अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में आयोग के नियमित कामकाज और महत्वपूर्ण परीक्षाओं से संबंधित प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है।

माना जा रहा है कि 6 अगस्त 2026 से पहले आयोग को नया अध्यक्ष मिल सकता है। इसके अलावा किसी IAS अधिकारी को आयोग के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से विचार-विमर्श चल रहा है।

इसे भी देखें...Saryu Singh Besra's Major Attack on Hemant Government | Demand for JPSC CBI Investigation, Presid...

परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

लगातार हो रही CID कार्रवाई और गिरफ्तारियों के बाद JPSC की परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता अभ्यर्थियों के भविष्य से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में जांच एजेंसी द्वारा OMR शीट, दस्तावेज और परीक्षा संचालन से संबंधित रिकॉर्ड जुटाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल एल खियांग्ते से तीसरे दिन की पूछताछ जारी है और जांच एजेंसी विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों पर निर्भर करेगी।

Read More News

Read More