ठाणे इमारत हादसा: पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख सहायता

ठाणे इमारत हादसा पर पीएम मोदी ने शोक जताया। मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई।

News Saga Desk

महाराष्ट्र के ठाणे इमारत हादसा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2-2 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। इस ठाणे इमारत हादसा के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता में जुटा हुआ है।

भिवंडी में देर रात हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी स्थित बालाजी नगर-गंगारामवाड़ी इलाके में चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट अचानक भरभराकर गिर गया। इमारत के मलबे में कई लोग दब गए, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार इस ठाणे इमारत हादसा में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है और कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक

ठाणे इमारत हादसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी संदेश में कहा गया कि ठाणे में इमारत गिरने से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है और इस कठिन समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

ठाणे इमारत हादसा

प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

पीएमएनआरएफ से आर्थिक सहायता की घोषणा

प्रधानमंत्री ने ठाणे इमारत हादसा के पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इसके तहत:

  • प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी।
  • प्रत्येक घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकार ने कहा है कि सहायता राशि जल्द से जल्द पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।

महाराष्ट्र के कई शहरी क्षेत्रों में पुरानी और जर्जर इमारतों का मुद्दा लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। विशेष रूप से भिवंडी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में अनेक इमारतें वर्षों पुरानी हैं, जिनकी समय-समय पर तकनीकी जांच और मरम्मत की आवश्यकता होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए भवनों का नियमित सुरक्षा ऑडिट, समय पर मरम्मत और आवश्यक होने पर खाली कराने जैसे कदम बेहद जरूरी हैं। हालांकि, इस मामले में इमारत गिरने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

इस ठाणे इमारत हादसा ने स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया है। आसपास रहने वाले परिवारों को भी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने और संभावित फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

इस घटना ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में भवन सुरक्षा मानकों, नियमित निरीक्षण और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता को प्रमुखता से सामने ला दिया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि ठाणे में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।

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प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि हादसा स्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। प्रभावित परिवारों को प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, नागरिकों से पुराने या जर्जर भवनों में रहने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन को समय रहते सूचना देने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।

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