राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में पीबीजी सोल्जरथॉन को हरी झंडी दिखाई। आयोजन का उद्देश्य सैनिकों के सम्मान और नागरिक-सैन्य संबंध मजबूत करना है।
News Saga Desk
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित विशेष समारोह में पीबीजी सोल्जरथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सैनिकों के सम्मान और उनके प्रति नागरिकों की एकजुटता को समर्पित इस आयोजन का उद्देश्य आम नागरिकों और देश के सशस्त्र बलों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। पीबीजी सोल्जरथॉन ‘रन फॉर सोल्जर्स, रन विथ सोल्जर्स’ की भावना पर आधारित है।
यह आयोजन केवल एक दौड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के सैनिकों के साहस, समर्पण और बलिदान को सम्मान देने का संदेश भी देता है। इसके माध्यम से नागरिकों को भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने और उनके साथ एकजुटता दिखाने का अवसर मिलता है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने दिखाई हरी झंडी
राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने पीबीजी सोल्जरथॉन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर सैनिकों के योगदान और देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका को याद किया गया। आयोजन की थीम ‘सपोर्टिंग रियल हीरोज – द आर्म्ड फोर्सेस ऑफ इंडिया’ रखी गई है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस पहल का उल्लेख किया। उन्होंने सैनिकों को देश के वास्तविक नायक बताते हुए उनके समर्पण, साहस और बलिदान को सम्मान देने की बात कही। साथ ही नागरिकों से इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने और सैनिकों के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने का संदेश दिया।
‘रन फॉर सोल्जर्स, रन विथ सोल्जर्स’ का संदेश
पीबीजी सोल्जरथॉन की मूल भावना ‘रन फॉर सोल्जर्स, रन विथ सोल्जर्स’ है। इसका सीधा संदेश है कि देश के नागरिक अपने सैनिकों के साथ खड़े हैं। भारतीय सशस्त्र बल देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे आयोजनों के माध्यम से सैन्य सेवाओं और आम नागरिकों के बीच संवाद तथा भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने की कोशिश की जाती है। दौड़ जैसे सामुदायिक कार्यक्रमों में अलग-अलग वर्गों के लोगों की भागीदारी सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत कर सकती है।
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सैनिकों के साहस और बलिदान को सम्मान
देश की सुरक्षा में तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर देश के भीतर राहत और बचाव अभियानों तक, सशस्त्र बलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में पीबीजी सोल्जरथॉन जैसे कार्यक्रम सैनिकों के योगदान को सार्वजनिक मंच पर सम्मान देने का माध्यम बनते हैं।
आयोजन की थीम भी इसी उद्देश्य को सामने रखती है। ‘सपोर्टिंग रियल हीरोज’ के जरिए नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि सैनिकों का सम्मान केवल औपचारिक अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके योगदान को लगातार याद किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, इस अवसर पर मिजोरम के राज्यपाल और इस पहल के संरक्षक जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन के महत्व को और बढ़ाया।
पीबीजी सोल्जरथॉन को एक ऐसे मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां नागरिक सैनिकों के प्रति अपना समर्थन और सम्मान सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर सकते हैं। कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य सैन्य सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच विश्वास एवं जुड़ाव को मजबूत करना है।
इस पहल से आम लोगों को सैनिकों के योगदान को करीब से समझने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर मिलता है। पीबीजी सोल्जरथॉन का संदेश देशभक्ति के साथ-साथ नागरिक भागीदारी से भी जुड़ा है।
आयोजकों की ओर से कार्यक्रम को सैनिकों के सम्मान और नागरिक-सैन्य संबंधों को मजबूत करने वाली पहल के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। ऐसे आयोजनों में लोगों की भागीदारी से जवानों के प्रति समर्थन का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंच सकता है।
कुल मिलाकर, राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा पीबीजी सोल्जरथॉन को हरी झंडी दिखाना सैनिकों के सम्मान और उनके प्रति नागरिकों की एकजुटता का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा। ‘रन फॉर सोल्जर्स, रन विथ सोल्जर्स’ का संदेश देश के उन जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है, जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए निरंतर समर्पित रहते हैं।
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