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रामगढ़ के साईं मंदिर के पास कैसरे हिंद जमीन की मापी की गई। प्रशासन ने सरकारी भूमि का सीमांकन कर वहां लगाए गए बांस-बल्ली और पर्दे हटाने के निर्देश दिए।

शहर के झंडा चौक स्थित साईं मंदिर के समीप सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर जमीन की मापी कराई। जांच के दौरान अधिकारियों ने कैसरे हिंद (सरकारी) जमीन का सीमांकन किया और संबंधित लोगों को सरकारी भूमि पर लगाए गए बांस-बल्ली तथा हरे पर्दे हटाने का निर्देश दिया।
अंचल अधिकारी रमेश रविदास के निर्देश पर अंचल निरीक्षक, अमीन और राजस्व कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन को सूचना मिली थी कि साईं मंदिर के पास स्थित कैसरे हिंद भूमि पर अवैध कब्जे की तैयारी की जा रही है। शिकायत के अनुसार, सरकारी जमीन पर बांस-बल्ली गाड़कर हरे पर्दे लगाए गए थे, जिससे अतिक्रमण की आशंका जताई गई।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
जांच के लिए पहुंचे अंचल निरीक्षक अजय कुमार, कर्मचारी दीपक कुमार और अमीन ने सबसे पहले मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की। अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण या कब्जा स्वीकार्य नहीं है और बिना अनुमति कोई गतिविधि नहीं की जा सकती।
मौके पर काम कर रहे लोगों ने दावा किया कि जिस भूमि पर कार्य किया जा रहा है, वह उनकी रैयती (निजी) जमीन है। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर ही राजस्व अभिलेखों के आधार पर जमीन की मापी कराने का निर्णय लिया, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
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अधिकारियों की मौजूदगी में अमीन द्वारा जमीन की मापी की गई। जांच के दौरान मुख्य सड़क से साईं मंदिर की ओर जाने वाले हिस्से में कैसरे हिंद भूमि की पुष्टि हुई। प्रशासन ने करीब 100 फीट तक सरकारी जमीन का सीमांकन किया। हालांकि कुछ स्थानों पर यह दूरी 100 फीट से कम भी पाई गई।
मापी पूरी होने के बाद संबंधित क्षेत्र का डिमार्केशन कर रैयतों को सरकारी और निजी भूमि की स्पष्ट जानकारी दी गई, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
सरकारी जमीन से हटाने होंगे बल्ली और पर्दे
जांच अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर लगाए गए बांस-बल्ली और हरे पर्दे हटाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित लोगों से कहा गया कि यदि उनके पास रैयती भूमि है, तो वे केवल उसी क्षेत्र में अपनी गतिविधियां संचालित करें और सरकारी भूमि का उपयोग न करें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या निर्माण कानून के विरुद्ध है और यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रामगढ़ में सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भूमि संबंधी विवादों के समाधान के लिए आवश्यकतानुसार मापी और सीमांकन की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के साथ-साथ रैयतों के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भूमि से जुड़े किसी भी विवाद या निर्माण कार्य से पहले संबंधित राजस्व अभिलेखों की जांच अवश्य करें और नियमों का पालन करें। इससे अनावश्यक विवादों और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है।
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