विश्व आदिवासी दिवस 2026 पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 9-10 अगस्त को राज्य स्तरीय समारोह होगा। 100 निःशुल्क स्टॉल, ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण होंगे।
रांची: विश्व आदिवासी दिवस 2026 के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची में 9 और 10 अगस्त को दो दिवसीय राज्य स्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। मोरहाबादी मैदान में होने वाले इस आयोजन में आदिवासी संस्कृति, कला, परंपरा और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए 100 निःशुल्क स्टॉल लगाए जाएंगे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) ने सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सहकारी समितियों, निजी संस्थानों और सांस्कृतिक संगठनों से भागीदारी के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। विश्व आदिवासी दिवस 2026 के इस आयोजन को राज्य के सबसे बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।

3 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
आयोजकों के अनुसार, विश्व आदिवासी दिवस 2026 समारोह में स्टॉल आवंटन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इच्छुक संस्थान और संगठन 3 अगस्त तक आवेदन जमा कर सकते हैं।
इन स्टॉलों के माध्यम से आदिवासी कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, साहित्य, सरकारी कल्याणकारी योजनाएं, स्थानीय उद्यम, पोस्टर और फोटो प्रदर्शनी प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ ही राज्यभर के पंजीकृत सांस्कृतिक दलों, लोक कलाकारों और कला संस्थाओं को भी अपनी प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा।
मोरहाबादी मैदान बनेगा सांस्कृतिक केंद्र
रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान इस बार भी आयोजन का मुख्य केंद्र रहेगा। दो दिनों तक यहां पारंपरिक लोक नृत्य, संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आदिवासी विरासत से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन का उद्देश्य झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करना और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना है। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आने वाले कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय परंपराओं की झलक पेश करेंगे।

ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और फैशन शो होंगे आकर्षण
विश्व आदिवासी दिवस 2026 समारोह के प्रमुख आकर्षणों में ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और ट्राइबल फैशन शो शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आदिवासी समाज की वेशभूषा, लोककला, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को मंच मिलेगा।
शाम के समय मोरहाबादी मैदान में पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विशेष लाइटिंग और आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे आयोजन को और आकर्षक बनाया जाएगा।
निकलेगी भव्य आदिवासी शोभायात्रा
समारोह के दौरान रांची के मोरहाबादी मैदान से बिरसा चौक तक विशाल आदिवासी शोभायात्रा (जतरा) भी निकाली जाएगी। इसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार, लोक नर्तक और सांस्कृतिक दल पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ हिस्सा लेंगे।
आयोजकों का मानना है कि यह शोभायात्रा झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और आदिवासी परंपराओं को एक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।
विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष आदिवासी समुदाय की संस्कृति, परंपराओं, अधिकारों और योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में इस दिवस का विशेष महत्व है।
पिछले वर्ष आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका था। इस बार राज्य सरकार व्यापक स्तर पर आयोजन की तैयारी कर रही है ताकि आदिवासी संस्कृति और विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल सके।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति को समर्पित
इस वर्ष का विश्व आदिवासी दिवस 2026 समारोह ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की स्मृति को समर्पित होगा। आयोजन के माध्यम से उनके सामाजिक और जनजातीय समाज के प्रति योगदान को भी याद किया जाएगा।
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राज्य सरकार की योजना केवल रांची तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों में भी विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम होंगे।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, 100 निःशुल्क स्टॉल के लिए आवेदन 3 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे। समारोह में सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों, निजी संस्थानों, कलाकारों और सांस्कृतिक दलों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
आयोजकों को उम्मीद है कि देशभर से 5,000 से अधिक आदिवासी कलाकार, लोक नर्तक और सांस्कृतिक दल इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। आम नागरिक भी समारोह में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति, कला और पारंपरिक व्यंजनों का अनुभव कर सकेंगे।
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