रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मोबाइल टावर पर चढ़ा हीरालाल आठ घंटे बाद सुरक्षित नीचे उतरा। पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
News Saga Desk
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक हीरालाल करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद रविवार को सुरक्षित नीचे उतर आया। अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों की लगातार समझाइश के बाद वह टावर से नीचे आने के लिए तैयार हुआ। नीचे उतरते ही पुलिस ने हीरालाल को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए थाने भेज दिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
टावर से उतरने के बाद हीरालाल काफी भावुक नजर आया। उसने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के लिए नीचे आया है। इसके बाद वह रोते हुए अपने परिवार से मिला और बच्चों को गोद में उठाया। परिवार के साथ उसका भावुक मिलन घटना के दौरान मौजूद लोगों के लिए भी चर्चा का विषय रहा।
आठ घंटे बाद सुरक्षित नीचे उतरा युवक
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे हीरालाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के धरनास्थल के समीप स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दी गई। अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को नीचे उतारने के लिए लगातार बातचीत और समझाइश का सहारा लेते रहे। स्थानीय लोगों ने भी उसे नीचे आने के लिए समझाया।
कई घंटे तक चले प्रयास के बाद आखिरकार हीरालाल नीचे उतर आया। प्रशासन के लिए राहत की बात यह रही कि उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया और इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
सरकारी नियुक्तियों में कथित अनियमितता से परेशान होने का दावा
टावर से नीचे आने के बाद हीरालाल ने मीडिया से बातचीत में अपनी परेशानी की वजह बताई। उसने आरोप लगाया कि सरकारी नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के कारण वह लंबे समय से परेशान है।
उसका कहना था कि वह काफी समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण उसे सफलता नहीं मिल सकी। उसके अनुसार, लगातार असफलता और भर्ती प्रक्रिया को लेकर बनी परिस्थितियों से वह मानसिक रूप से काफी परेशान था।
हालांकि, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं से जुड़े उसके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
पत्नी और बच्चों से मिलकर भावुक हुआ हीरालाल
नीचे उतरने के बाद हीरालाल ने अपने पारिवारिक जीवन से जुड़ी कुछ बातें भी मीडिया के सामने रखीं। उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी एक मेडिकल दुकान चलाती है और अक्सर उसे इस बात को लेकर ताने देती थी कि वह एक रुपया भी कमाने की क्षमता नहीं रखता।
हीरालाल ने बताया कि इसी वजह से उसने मुख्यमंत्री से प्रतीकात्मक रूप से एक रुपये की मांग की थी। हालांकि, उसके इन व्यक्तिगत आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
टावर से उतरने के बाद जब वह अपनी पत्नी और बच्चों से मिला तो भावुक हो गया। उसने अपने बच्चों को गोद में उठाया और काफी देर तक उनके साथ रहा। परिवार से मुलाकात के दौरान उसकी आंखों में आंसू थे।
जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन से जुड़ा था युवक
हीरालाल ने यह भी बताया कि वह पिछले कई दिनों से जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल था। उसके मुताबिक, वह आंदोलन के दौरान अपनी मांगों को अलग-अलग माध्यमों से उठाता रहा था।

उसका आरोप था कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इसी को लेकर वह आक्रोशित था। हीरालाल के टावर पर चढ़ने की घटना भी इसी आंदोलन के बीच सामने आई।
जेपीएससी परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच उठ रहे सवालों और विरोध प्रदर्शन के बीच इस घटना ने प्रशासन और सरकार का ध्यान एक बार फिर आंदोलन से जुड़े मुद्दों की ओर खींचा है।
पुलिस ने हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हीरालाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस उससे टावर पर चढ़ने के कारणों और पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया था। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है।
जेपीएससी आंदोलन के बीच हुई घटना
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। इसी आंदोलन के बीच शनिवार देर रात मोबाइल टावर पर युवक के चढ़ने की घटना सामने आई।
करीब आठ घंटे तक चले प्रयासों के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। घटना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि टावर पर चढ़ने के पीछे उसकी व्यक्तिगत परेशानियां कितनी जिम्मेदार थीं और जेपीएससी आंदोलन से इसका क्या संबंध रहा।
फिलहाल, हीरालाल के सुरक्षित नीचे उतरने से बड़ी घटना टल गई है। पुलिस पूछताछ और आगे की कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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