आरपीएफ आरक्षक की तत्परता से सुल्तानगंज में टली दुर्घटना

सुल्तानगंज स्टेशन पर चलती विक्रमशिला एक्सप्रेस से उतर रहे दो कांवड़ियों को आरपीएफ आरक्षक मृत्युंजय कुमार ने समय रहते संभालकर संभावित दुर्घटना टाल दी।

News saga Desk

भागलपुर के सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ आरक्षक की सतर्कता और तत्परता से श्रावणी मेला के दौरान एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर ट्रेन संख्या 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस के खुलने के बाद दो कांवड़िया श्रद्धालु चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के आरक्षक मृत्युंजय कुमार ने स्थिति को भांपते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित संभाल लिया।

श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे और आरपीएफ की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इसी व्यवस्था के तहत तैनात आरपीएफ आरक्षक की सजगता ने एक बार फिर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के महत्व को सामने ला दिया।

चलती ट्रेन से उतर रहे थे कांवड़िया

घटना सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर हुई। ट्रेन संख्या 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना हो चुकी थी। इसी दौरान दो कांवड़िया श्रद्धालुओं ने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश की।

बताया गया कि इनमें से एक श्रद्धालु चलती ट्रेन से नीचे उतर चुका था और वह दूसरे श्रद्धालु को भी उतरने में मदद कर रहा था। यह स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण थी। ट्रेन के चलने के दौरान उतरने की कोशिश से दोनों श्रद्धालुओं के गंभीर रूप से घायल होने की आशंका थी।

ड्यूटी पर मौजूद आरपीएफ आरक्षक मृत्युंजय कुमार ने समय रहते दोनों को देख लिया और तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने दोनों श्रद्धालुओं को सहारा देकर स्थिति को नियंत्रित किया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

आरपीएफ जवान ने दिखाई सूझबूझ

आरपीएफ आरक्षक मृत्युंजय कुमार की तत्परता के कारण संभावित दुर्घटना को समय रहते टाल दिया गया। उन्होंने ड्यूटी के दौरान स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझा और बिना देरी किए दोनों श्रद्धालुओं की मदद की।

रेलवे की ओर से इस घटना को आरपीएफ कर्मियों की सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण बताया गया है। भीड़भाड़ वाले श्रावणी मेला के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों और श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखना सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मालदा मंडल की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं में आरपीएफ की तैनाती भी शामिल है। इस घटना ने दिखाया कि मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।

श्रावणी मेला को लेकर रेलवे की व्यापक तैयारी

सुल्तानगंज में श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िया और अन्य श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने सुरक्षा, संरक्षा और सुगम आवागमन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

मंडल रेल प्रबंधक मालदा मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं आरपीएफ की सुरक्षा व्यवस्था सहायक सुरक्षा आयुक्त एवं प्रभारी श्री बरुण कुमार बेहरा के पर्यवेक्षण में की जा रही है।

भीड़ बढ़ने के कारण रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही और ट्रेनों में चढ़ने-उतरने के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी होती है। ऐसे में आरपीएफ कर्मियों की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा के लिए अहम भूमिका निभाती है।

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रेलवे ने यात्रियों से की अपील

इस घटना के बाद मालदा मंडल ने सभी यात्रियों और श्रद्धालुओं से रेलवे के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। रेलवे ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

आरपीएफ आरक्षक

चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश बेहद खतरनाक हो सकती है। इससे यात्री ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस सकता है या संतुलन बिगड़ने से गंभीर चोट लग सकती है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

रेलवे ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ें या उतरें। साथ ही स्टेशन पर मौजूद रेलवे और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन की यह घटना श्रावणी मेला के दौरान की जा रही सुरक्षा व्यवस्था की उपयोगिता को भी सामने लाती है। समय पर तैनात आरपीएफ आरक्षक ने जिस तरह स्थिति को पहचाना, उससे एक संभावित दुर्घटना टल गई।

मालदा मंडल की ओर से आरपीएफ जवान की तत्परता को महत्वपूर्ण बताया गया है। यात्रियों की सुरक्षा में ऐसे कर्मियों की भूमिका बेहद अहम होती है, खासकर तब जब स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ मौजूद हो।

फिलहाल दोनों कांवड़िया श्रद्धालु सुरक्षित हैं और किसी बड़े हादसे की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। घटना के बाद रेलवे ने एक बार फिर यात्रियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और जल्दबाजी में चलती ट्रेन से उतरने या चढ़ने से बचने की सलाह दी है।

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