महबूबा मुफ्ती के प्रदर्शन पर गिरिराज सिंह का हमला, लगाए गंभीर आरोप

अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ से पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने महबूबा मुफ्ती के विरोध प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला। जानिए पूरा मामला।

News Saga Desk

नई दिल्ली: महबूबा मुफ्ती के प्रदर्शन पर गिरिराज सिंह का हमला बुधवार को उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर तीखे आरोप लगाए। अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने महबूबा मुफ्ती की राजनीति और उनके रुख पर सवाल उठाए। महबूबा मुफ्ती के प्रदर्शन पर गिरिराज सिंह का हमला राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस का कारण बन गया है।

महबूबा मुफ्ती के प्रदर्शन पर गिरिराज सिंह का हमला

संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि महबूबा मुफ्ती लंबे समय तक आतंकवादियों के साथ खड़ी रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी ने कभी महबूबा मुफ्ती के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में सरकार चलाई थी और उन्हें सही दिशा में लाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, जब उनके विचारों में कोई बदलाव नहीं आया तो गठबंधन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

गिरिराज सिंह ने महबूबा मुफ्ती के विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ किसी भी तरह की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिली है।

अनुच्छेद 370 हटने की वर्षगांठ पर भाजपा का रुख

केंद्रीय मंत्री ने पांच अगस्त को भारत के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि जिस प्रकार 15 अगस्त और 26 जनवरी का राष्ट्रीय महत्व है, उसी तरह पांच अगस्त भी देश के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। उनके अनुसार, इस दिन लिए गए फैसले ने देश में “एक राष्ट्र, एक झंडा, एक प्रधानमंत्री और एक संविधान” की अवधारणा को और मजबूत किया।

उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय सरदार वल्लभभाई पटेल के उस सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था, जिसमें पूरे भारत को एक संवैधानिक व्यवस्था के तहत जोड़ने की परिकल्पना की गई थी।

इसे भी देखे- अमर कुमार बाउरी ने रवाना की काशी की पवित्र रज, संत रविदास के संदेश घर-घर पहुंचाने का अभियान

महबूबा मुफ्ती ने क्यों किया विरोध प्रदर्शन?

दूसरी ओर, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि वर्ष 2019 में लिया गया यह फैसला जम्मू-कश्मीर के लोगों की भावनाओं और संवैधानिक अधिकारों के विपरीत था।

महबूबा मुफ्ती और उनकी पार्टी लगातार जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग करती रही है। उनका आरोप है कि अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय बिना स्थानीय जनता की सहमति के लिया गया था, इसलिए वे इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ मानती हैं।

महबूबा मुफ्ती के प्रदर्शन पर गिरिराज सिंह का हमला

5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने का फैसला लिया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 लागू किया गया, जिसके तहत तत्कालीन राज्य जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में विभाजित कर दिया गया।

इस फैसले के बाद से भाजपा और केंद्र सरकार समर्थक संगठन हर वर्ष 5 अगस्त को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखते हैं, जबकि कई क्षेत्रीय राजनीतिक दल इसे राज्य के अधिकारों पर चोट बताते हुए विरोध दर्ज कराते रहे हैं।

महबूबा मुफ्ती के प्रदर्शन पर गिरिराज सिंह का हमला ऐसे समय सामने आया है, जब अनुच्छेद 370 को लेकर राजनीतिक मतभेद अब भी बने हुए हैं। भाजपा इसे राष्ट्रीय एकीकरण और विकास का कदम बताती है, जबकि पीडीपी समेत कई क्षेत्रीय दल इसे जम्मू-कश्मीर की विशेष पहचान समाप्त करने वाला निर्णय मानते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुच्छेद 370 का मुद्दा आने वाले समय में भी राष्ट्रीय राजनीति और जम्मू-कश्मीर की चुनावी रणनीतियों में प्रमुख विषय बना रह सकता है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद देश में “एक राष्ट्र, एक झंडा, एक प्रधानमंत्री और एक संविधान” की व्यवस्था और मजबूत हुई है। उन्होंने इसे भारत की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।

अनुच्छेद 370 को लेकर देश में अलग-अलग राजनीतिक दलों के अलग-अलग विचार हैं। भाजपा इसे ऐतिहासिक निर्णय मानती है, जबकि पीडीपी सहित कई क्षेत्रीय दल विशेष राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करते रहे हैं। ऐसे में नागरिकों को इस विषय पर आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

Read More News

जयपाल सिंह स्टेडियम छात्र आंदोलन: सरकार ने भेजा वार्ता का प्रस्ताव, गतिरोध खत्म होने के संकेत

रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों से राज्य सरकार ने औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव...

Read More