Rabindranath Tagore Death Anniversary पर नेताओं ने गुरुदेव टैगोर को श्रद्धांजलि दी। साहित्य, शिक्षा और भारतीय संस्कृति में उनके योगदान को याद किया।
News Saga Desk
भारत के राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के रचयिता, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान कवि और साहित्यकार गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय मंत्रियों, सत्तारूढ़ दल के नेताओं और विपक्षी नेताओं ने उनके साहित्यिक योगदान, विचारों और मानवतावादी दृष्टिकोण को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
Rabindranath Tagore Death Anniversary के अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने गुरुदेव टैगोर की विरासत को भारत की अमूल्य धरोहर बताया।
अर्जुन राम मेघवाल ने टैगोर के विचारों को किया याद
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने रवीन्द्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा प्रेरणादायक रहेगा।
उन्होंने कहा कि टैगोर की कालजयी रचनाएं और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को लगातार मार्गदर्शन देते रहेंगे। उनके साहित्य में मानवीय मूल्यों, संवेदनाओं और भारतीय संस्कृति की गहरी झलक दिखाई देती है।
नितिन नवीन ने बताया वैश्विक पहचान का आधार
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुदेव टैगोर को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने साहित्य और चिंतन के माध्यम से भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया में पहचान दिलाई।
उन्होंने कहा कि टैगोर की प्रसिद्ध कृति ‘गीतांजलि’ ने विश्व स्तर पर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को प्रस्तुत किया। उन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना कर शिक्षा को मानवीय मूल्यों और रचनात्मक सोच से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
नितिन नवीन ने कहा कि टैगोर के विचार और आदर्श समाज को हमेशा सही दिशा दिखाते रहेंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया महान मानवतावादी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी Rabindranath Tagore Death Anniversary पर गुरुदेव टैगोर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें नोबेल पुरस्कार विजेता, दूरदर्शी कवि, दार्शनिक, शिक्षाविद्, समाज सुधारक और मानवतावादी बताया।

खरगे ने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर की करुणा, रचनात्मकता और प्रगतिशील सोच की विरासत आज भी पूरी मानवता को प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के रचयिता टैगोर विश्व के महानतम साहित्यकारों में शामिल हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा दर्शन को सराहा
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने भारतीय साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में नई चेतना का संचार किया।
उन्होंने कहा कि टैगोर की रचनाओं में राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना, प्रकृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत मेल दिखाई देता है। शिक्षा को जीवन से जोड़ने की उनकी सोच आज भी प्रासंगिक है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने में टैगोर का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रगान के योगदान को याद किया
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुदेव टैगोर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत उनके योगदान के लिए हमेशा ऋणी रहेगा।
उन्होंने कहा कि ‘जन-गण-मन’ जैसा महान राष्ट्रगान देने वाले टैगोर का साहित्य और विचार आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
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रेखा गुप्ता ने बताया सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि टैगोर का जीवन भारतीय संस्कृति, राष्ट्रचेतना और मानवता के प्रति समर्पित था।
उन्होंने कहा कि टैगोर का कालजयी साहित्य समाज को कर्तव्य, सेवा और सांस्कृतिक गौरव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय इतिहास के उन महान व्यक्तित्वों में शामिल हैं, जिन्होंने साहित्य, संगीत, शिक्षा और कला के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी। वर्ष 1913 में ‘गीतांजलि’ के लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर उन्होंने भारतीय साहित्य को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई।
उन्होंने शांतिनिकेतन और विश्व-भारती विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षा को नई दिशा दी। उनका मानना था कि शिक्षा व्यक्ति में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और मानवीय मूल्यों का विकास करती है।
Rabindranath Tagore Death Anniversary पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि गुरुदेव टैगोर की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत भारत की अमूल्य धरोहर है। उनके विचार, रचनाएं और मानवतावादी संदेश आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
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