Rabindranath Tagore Death Anniversary: ओम बिरला और अमित शाह समेत नेताओं ने गुरुदेव टैगोर को दी श्रद्धांजलि

Rabindranath Tagore Death Anniversary पर ओम बिरला, अमित शाह और अन्य नेताओं ने गुरुदेव टैगोर को श्रद्धांजलि दी। उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।

News Saga Desk

देश के महान साहित्यकार, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को देशभर में उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने गुरुदेव टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय साहित्य, संस्कृति तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को नमन किया।

Rabindranath Tagore Death Anniversary के अवसर पर नेताओं ने कहा कि टैगोर केवल एक महान कवि ही नहीं थे, बल्कि वे दार्शनिक, शिक्षाविद्, संगीतकार, चित्रकार और समाज सुधारक भी थे। उनकी रचनाओं ने भारतीय चेतना को नई दिशा दी और भारत की सांस्कृतिक पहचान को विश्व स्तर पर स्थापित किया।

ओम बिरला ने टैगोर के बहुआयामी व्यक्तित्व को किया याद

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के महान शिल्पी और विश्व-कवि थे।

उन्होंने कहा कि टैगोर ने अपनी साहित्यिक कृतियों, शैक्षिक दर्शन और सांस्कृतिक दृष्टिकोण के माध्यम से भारतीय समाज को नई सोच प्रदान की। वर्ष 1913 में उनकी प्रसिद्ध कृति ‘गीतांजलि’ के लिए उन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला, जिससे भारतीय साहित्य को वैश्विक पहचान मिली।

ओम बिरला ने कहा कि टैगोर का मानना था कि शिक्षा केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के स्वतंत्र चिंतन और संपूर्ण विकास का आधार है।

अमित शाह ने बताया भारत की आत्मा की आवाज

केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारत की आत्मा को अभिव्यक्ति दी। उन्होंने कहा कि टैगोर के विचारों ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान नई चेतना और आत्मविश्वास पैदा किया।

Rabindranath Tagore Death Anniversary

Rabindranath Tagore Death Anniversary पर अमित शाह ने कहा कि टैगोर की अमर रचना ‘जन गण मन’ भारत की एकता, गौरव और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।

उन्होंने विश्व-भारती विश्वविद्यालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि टैगोर ने भारतीय संस्कृति, दर्शन और शिक्षा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनका साहित्य आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

नितिन गडकरी ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रवींद्रनाथ टैगोर को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ की भावना को अपनी रचनाओं और विचारों के माध्यम से साकार किया।

उन्होंने कहा कि टैगोर का योगदान भारतीय संस्कृति और साहित्य के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

गिरिराज सिंह ने साहित्यिक योगदान को सराहा

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की अमूल्य और कालजयी रचनाओं ने भारतीय दर्शन और संस्कृति को पूरी दुनिया में सम्मान दिलाया।

उन्होंने कहा कि टैगोर का साहित्य, उनके विचार और उनकी रचनात्मक दृष्टि आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करती रहेगी।

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मुरलीधर मोहोल ने बताया मानवता का संदेशवाहक

नागरिक उड्डयन एवं सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि गुरुदेव टैगोर ने अपनी लेखनी के माध्यम से मानवता, देशभक्ति और विश्व-बंधुत्व का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि टैगोर के विचार केवल भारत तक सीमित नहीं थे, बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक रहे हैं। उनकी रचनाएं आज भी समाज को संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती हैं।

रवींद्रनाथ टैगोर भारतीय इतिहास के उन महान व्यक्तित्वों में शामिल हैं, जिन्होंने साहित्य, संगीत, कला और शिक्षा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। वे एशिया के पहले साहित्य नोबेल पुरस्कार विजेता बने और उनकी रचनाओं ने भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

उनकी कविताएं, कहानियां, गीत और विचार आज भी समाज में प्रासंगिक हैं। उन्होंने शिक्षा को रचनात्मकता, स्वतंत्र सोच और प्रकृति से जोड़ने पर जोर दिया।

Rabindranath Tagore Death Anniversary पर नेताओं द्वारा दिए गए संदेशों में साझा रूप से यह भावना रही कि गुरुदेव टैगोर का योगदान केवल साहित्य तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने भारत की सांस्कृतिक चेतना, शिक्षा व्यवस्था और मानवीय मूल्यों को नई दिशा दी।

उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी और भारतीय साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनका स्थान हमेशा सर्वोच्च रहेगा।

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