पटना NH-30 हादसा: युवक की मौत के बाद बवाल, बस में आग और पथराव

NEWS SAGA DESK

पटना NH-30 हादसे में युवक की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क जाम, बस में आगजनी, पथराव और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा दिया।

पटना NH-30 हादसा शुक्रवार को उस समय बड़े बवाल में बदल गया, जब पटना सिटी के अगमकुआं थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से 27 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ लोगों ने एक खाली बस सहित कई वाहनों में आग लगा दी। पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि यातायात कई घंटों तक पूरी तरह बाधित रहा।

पटना NH-30 हादसा

सड़क पार करते समय हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहाड़ी मोहल्ला निवासी मनीष उर्फ उपेंद्र सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। युवक की मौत से लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

NH-30 पर लगा लंबा जाम

पटना NH-30 हादसा के बाद लोगों ने बड़ी और छोटी पहाड़ी चौराहा के पास सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और लंबे समय तक आवागमन बाधित रखा।

हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बसें, ट्रक, निजी वाहन और एंबुलेंस तक जाम में फंस गए, जिससे यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान आगजनी और तोड़फोड़

विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने हिंसक रूप अपनाया। सड़क किनारे खड़ी एक खाली बस में आग लगा दी गई। इसके अलावा कई वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं हुईं।

जानकारी के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक वाहनों के शीशे तोड़े गए। कई दुपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। कुछ स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। आगजनी की वजह से इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि शुरुआती दौर में स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इसी दौरान पुलिस पर भी पथराव की घटना हुई, जिससे तनाव और बढ़ गया।

हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए काफी देर तक अभियान चलाया और जल रही बस की आग बुझाई।

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मृतक मनीष उर्फ उपेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। इसके बाद प्रशासन ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर धीरे-धीरे सड़क जाम हटवाया और यातायात बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की।

प्रशासन का आधिकारिक बयान

पटना NH-30 हादसा को लेकर मौके पर पहुंचे एएसपी राजकिशोर सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई थी, लेकिन अब हालात नियंत्रण में हैं।

उन्होंने कहा कि सड़क जाम हटवा दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही आगजनी, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।


इसे भी देखें…JPSC 14वीं परीक्षा विवाद: ABVP का रांची में आक्रोश मार्च | सरकार को दी CM आवास घेराव की चेतावनी

पटना NH-30 हादसा के बाद स्थानीय लोगों ने बड़ी और छोटी पहाड़ी को जोड़ने के लिए अंडरपास निर्माण की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि इस व्यस्त चौराहे पर सड़क पार करना हमेशा जोखिम भरा रहता है और पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि यहां अंडरपास या सुरक्षित पैदल पारपथ का निर्माण किया जाता है तो भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

Read More News

जमशेदपुर में 13वें हस्तकरघा दिवस का शुभारंभ, राज्यपाल संतोष गंगवार ने बुनकरों का बढ़ाया उत्साह

जमशेदपुर में 13वें हस्तकरघा दिवस का उद्घाटन राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया। उन्होंने हस्तकरघा को...

Read More