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धनबाद बार एसोसिएशन की पार्किंग समस्या पर झारखंड हाई कोर्ट ने याचिका निष्पादित की। अंतरिम व्यवस्था लागू, जेल स्थानांतरण से स्थायी समाधान की उम्मीद।

धनबाद अदालत परिसर में अधिवक्ताओं और मुवक्किलों के लिए पार्किंग समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विवाद का समाधान झारखंड हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद काफी हद तक हो गया है। धनबाद बार एसोसिएशन की पार्किंग समस्या को लेकर अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी की ओर से दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने याचिका निष्पादित करते हुए कहा कि तत्काल पार्किंग की समस्या का समाधान आपसी बातचीत और सहयोग से काफी हद तक किया जा चुका है।
कोर्ट ने पाया कि अब अधिवक्ताओं और मुवक्किलों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके साथ ही सड़क किनारे रोजाना लगने वाले दुकानदारों को निर्धारित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित कर दिया गया है। पार्किंग स्थल पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है।
पार्किंग की तत्काल समस्या का समाधान
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि धनबाद बार एसोसिएशन की पार्किंग समस्या के तत्काल समाधान की दिशा में प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अधिवक्ताओं और मुवक्किलों के वाहनों के लिए पार्किंग स्थान उपलब्ध कराया गया है।
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सड़क किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों को निर्धारित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किए जाने से पार्किंग और आवागमन की स्थिति में भी सुधार हुआ है। पुलिस की तैनाती के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि निर्धारित पार्किंग क्षेत्र पर फिर से अतिक्रमण न हो।
जेल स्थानांतरण से स्थायी समाधान की उम्मीद
हाई कोर्ट ने दीर्घकालिक समाधान को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत के समक्ष बताया गया कि कोर्ट परिसर के सामने स्थित जेल को भविष्य में शहर के बाहरी इलाके में स्थानांतरित करने को लेकर संबंधित पक्षों में सहमति बनी है।
जेल स्थानांतरित होने के बाद खाली होने वाली जमीन का इस्तेमाल अदालत परिसर और बार से जुड़ी जगह की समस्या के स्थायी समाधान के लिए किया जा सकता है। इससे भविष्य में पार्किंग के साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की संभावना भी बनेगी।
हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जेल स्थानांतरण का प्रस्ताव राज्य सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा और इस प्रक्रिया में समय लग सकता है। अदालत ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रशासन और बार एसोसिएशन के रवैये की सराहना
खंडपीठ ने धनबाद जिला प्रशासन, पुलिस, जिला न्यायपालिका और धनबाद बार एसोसिएशन के सहयोगात्मक रवैये की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि किसी भी पक्ष ने इस मामले को टकराव के रूप में नहीं लिया और बातचीत के माध्यम से समाधान की दिशा में कदम उठाए गए।
अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह के रचनात्मक रवैये की भी प्रशंसा की। कोर्ट के अनुसार, सभी पक्षों के सहयोग से तत्काल समस्या का समाधान संभव हुआ।
धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी की ओर से दायर जनहित याचिका में अदालत परिसर से जुड़ी कई समस्याओं का मुद्दा उठाया गया था।
याचिका में बार भवन के आने-जाने वाले रास्ते और आपातकालीन निकास को बहाल करने, जस्टिस एसबी सिन्हा द्वार के पास किए गए कथित अवैध अतिक्रमण को हटाने, पश्चिमी गेट खोलने और अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
इन समस्याओं का सीधा असर अधिवक्ताओं के साथ-साथ अदालत में आने वाले मुवक्किलों और अन्य लोगों पर पड़ रहा था।
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