Jharkhand Recruitment Scam को लेकर संजय सेठ ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने युवाओं पर FIR और CDPO परीक्षा में गड़बड़ी की CBI जांच की मांग की।
News saga Desk
नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री और झारखंड से भाजपा सांसद संजय सेठ ने Jharkhand Recruitment Scam को लेकर झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं के बीच असंतोष है और सरकार को उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। संजय सेठ ने प्रदर्शन के बाद युवाओं पर दर्ज एफआईआर और सीडीपीओ परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
करीब 600 युवाओं पर FIR का दावा
संजय सेठ ने आरोप लगाया कि झारखंड में प्रदर्शन के बाद करीब 600 युवाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उनके मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे थे और उन्होंने न तो हिंसा की और न ही पथराव किया।
केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शनकारी हिंसा में शामिल नहीं थे तो उनके खिलाफ इतने बड़े पैमाने पर मुकदमे दर्ज करने का औचित्य क्या है। उन्होंने सरकार से युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
हालांकि, एफआईआर में लगाए गए आरोपों और प्रदर्शन के दौरान वास्तविक घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है। सरकार या प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा पर भी सवाल
संजय सेठ ने मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से पहले पूरे शहर में बैरिकेडिंग और रेजर वायर लगाए गए थे। उनके मुताबिक, अब मुख्यमंत्री आवास के आसपास के रास्तों को भी रेजर वायर से बंद कर दिया गया है।
भाजपा सांसद ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने की मांग की, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
CDPO परीक्षा परिणाम पर गंभीर आरोप
Jharkhand Recruitment Scam से जोड़कर संजय सेठ ने सीडीपीओ परीक्षा के परिणाम का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने परीक्षा में दूसरे स्थान पर आने वाले प्रमोद कुमार पाठक को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

संजय सेठ का दावा है कि प्रमोद कुमार पाठक के कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के एक ‘सॉल्वर गैंग’ से संबंध रहे हैं और वह पहले जेल भी जा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये आरोप सही हैं तो संबंधित व्यक्ति झारखंड सरकार में अधिकारी के पद पर कैसे कार्यरत है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए परीक्षा परिणाम, कथित आपराधिक पृष्ठभूमि और सरकारी नियुक्ति से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
CBI जांच की मांग
भाजपा नेता ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं को सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहिए और इस मामले में सीबीआई जांच से कम कुछ भी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
उनके अनुसार, भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवाल केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं हैं, बल्कि युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े हैं। इसलिए किसी भी तरह की शिकायत सामने आने पर उसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए।
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युवाओं के रोजगार का मुद्दा केंद्र में
झारखंड में सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा सरकारी भर्ती को रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं। ऐसे में परीक्षा परिणाम, नियुक्ति प्रक्रिया या पेपर से जुड़ी किसी भी शिकायत का असर अभ्यर्थियों के भरोसे पर पड़ सकता है।
Jharkhand Recruitment Scam को लेकर संजय सेठ के आरोपों ने एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही का सवाल सामने ला दिया है। यदि किसी परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो अभ्यर्थियों की शिकायतों का स्वतंत्र तरीके से परीक्षण करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
राज्य सरकार के सामने अब युवाओं की शिकायतों और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की चुनौती है। खासकर सीडीपीओ परीक्षा को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर स्थिति स्पष्ट करना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
संजय सेठ की ओर से CBI जांच की मांग किए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
संजय सेठ ने कहा कि झारखंड के युवाओं को ऐसी भर्ती व्यवस्था चाहिए, जिसमें किसी भी अभ्यर्थी को प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह न हो। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों की परीक्षा में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
फिलहाल Jharkhand Recruitment Scam से जुड़े आरोपों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा नेता CBI जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं पूरे मामले में संबंधित रिकॉर्ड, परीक्षा प्रक्रिया और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण होगी। युवाओं की नजर अब सरकार की प्रतिक्रिया और मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर है।
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