धनबाद कोयला घोटाला जांच में ED ने एलबी सिंह से जुड़े पांच लोगों को समन भेजा है। एजेंसी निवेश, लेनदेन और सेल डीड से जुड़े मामलों की जांच करेगी।
धनबाद कोयला घोटाला मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह और अनिल गोयल से जुड़े पांच लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। इनमें एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह, भाई विश्वविजय सिंह और साले रंजीत कुमार सिंह शामिल हैं। इसके अलावा अनिल गोयल से जुड़े शब्बीर आलम और महेंद्र सिंह को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है। एजेंसी इन लोगों से कोयला कारोबार, वित्तीय लेनदेन और कथित निवेश से जुड़े मामलों में जानकारी हासिल कर सकती है।

ईडी की इस कार्रवाई को 28 जुलाई को धनबाद में कोयला कारोबारियों से जुड़े ठिकानों पर हुई दूसरे दौर की छापेमारी से जोड़कर देखा जा रहा है। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े कागजात बरामद किए थे। इसके साथ ही करीब 160 करोड़ रुपये के निवेश को फ्रीज किए जाने की बात सामने आई थी।
अलग-अलग तारीखों पर होगी पूछताछ
ईडी ने एलबी सिंह के परिवार और उनसे जुड़े लोगों को अलग-अलग तारीखों पर क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह को 20 अगस्त को पेश होने के लिए कहा गया है। वहीं, उनके भाई विश्वविजय सिंह को 14 अगस्त और साले रंजीत कुमार सिंह को 17 अगस्त को ईडी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
अनिल गोयल से जुड़े शब्बीर आलम और महेंद्र सिंह को भी अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया गया है। समन के जरिए एजेंसी ने संबंधित लोगों से जांच में सहयोग करने और निर्धारित तारीख पर उपस्थित होने को कहा है।

28 जुलाई को हुई थी दूसरे दौर की छापेमारी
कोयला घोटाला जांच के सिलसिले में ईडी ने 28 जुलाई को धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के ठिकानों पर दूसरे दौर की छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में एलबी सिंह और अनिल गोयल से जुड़े लोगों के परिसरों को भी जांच के दायरे में रखा गया था।
छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने वित्तीय निवेश और संपत्तियों से संबंधित कई दस्तावेजों की जांच की। एजेंसी की कार्रवाई के दौरान एलबी सिंह से जुड़े करीब 160 करोड़ रुपये के निवेश को फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा विभिन्न ठिकानों से 200 से अधिक सेल डीड भी बरामद किए गए थे।
सेल डीड से जुड़े रिकॉर्ड की जांच
छापेमारी के दौरान मिले सेल डीड अब ईडी की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन दस्तावेजों के जरिए एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित संपत्तियों की खरीद-बिक्री कब और किन लोगों के बीच हुई। साथ ही इन लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत की भी जांच की जा सकती है।
सेल डीड के अलावा ईडी को मिले अन्य वित्तीय दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। एजेंसी इन दस्तावेजों को पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी से मिलाकर पूरे वित्तीय नेटवर्क को समझने का प्रयास कर सकती है।
कोयला कारोबार और वित्तीय लेनदेन पर सवाल
समन जारी किए गए पांचों लोगों से ईडी कोयला कारोबार से जुड़े लेनदेन, निवेश और संपत्ति से संबंधित जानकारी मांग सकती है। जांच एजेंसी यह भी जानना चाह सकती है कि संबंधित कंपनियों और कारोबार में धन का प्रवाह किस तरह हुआ और विभिन्न निवेशों का स्रोत क्या था।पूछताछ के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज और बयान जांच की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि किसी लेनदेन या संपत्ति से संबंधित अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं, तो एजेंसी उसके आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।
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जांच के दायरे में बढ़े लोग
पांच लोगों को समन जारी किए जाने के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ता नजर आ रहा है। हालांकि, केवल समन जारी होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद ही एजेंसी यह तय करेगी कि उनकी भूमिका जांच में किस स्तर तक सामने आती है। ईडी फिलहाल छापेमारी में बरामद दस्तावेजों, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और सेल डीड की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ के बाद इस मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।
धनबाद कोयला घोटाला जांच में ईडी की कार्रवाई अब पूछताछ के चरण में पहुंच गई है। अलग-अलग तारीखों पर तलब किए गए लोगों के बयान और उनके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेज जांच के लिए अहम होंगे। फिलहाल एजेंसी का फोकस कथित वित्तीय लेनदेन, निवेश और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल पर है। 28 जुलाई की छापेमारी में मिले 200 से अधिक सेल डीड और अन्य रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
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