झारखंड में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का गायन सुनिश्चित होगा। केंद्र के निर्देश पर सरकार ने गाइडलाइन जारी की।
झारखंड में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राज्य सरकार ने सभी विभागों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद मंत्रिमंडल समन्वय विभाग ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर सभी विभागों के सचिवों और विभागाध्यक्षों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का गायन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी दिशा-निर्देश भी संबंधित विभागों को भेजे गए हैं।

10 अगस्त 2026 को जारी निर्देश में राजधानी से लेकर जिला, अनुमंडल, प्रखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित करने की रूपरेखा बताई गई है। झारखंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय भावना और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के साथ स्वच्छता, पौधरोपण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी जोर रहेगा।
पहले राष्ट्रगीत, फिर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान
राज्य स्तर पर आयोजित मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए कार्यक्रम का क्रम भी निर्धारित किया गया है। इसके तहत सबसे पहले राष्ट्रगीत का गायन होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान का गायन किया जाएगा।
इसके बाद राज्य पुलिस, अर्धसैनिक बलों, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट्स की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे। संबोधन के बाद फिर राष्ट्रगीत और उसके बाद राष्ट्रगान का गायन होगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रमुखता देना है। राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समारोह आयोजित करने की तैयारी करने का निर्देश दिया है।
जिला स्तर पर भी रहेगा विशेष कार्यक्रम
जिला स्तर पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए भी कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई है। यहां पहले राष्ट्रगीत का गायन होगा। इसके बाद मंत्री, आयुक्त या जिला मजिस्ट्रेट की ओर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और फिर राष्ट्रगान होगा।
इसके बाद राज्य पुलिसकर्मियों, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट्स की ओर से परेड आयोजित की जाएगी। परेड के बाद मंत्री, आयुक्त या जिला मजिस्ट्रेट जनता को संबोधित करेंगे। संबोधन के बाद राष्ट्रगीत और फिर राष्ट्रगान का गायन होगा।
जिला प्रशासन को समारोह की तैयारियों के साथ सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और आम लोगों की भागीदारी पर भी ध्यान देने को कहा गया है।
प्रमुख स्थानों पर चलेगा स्वच्छता अभियान
स्वतंत्रता दिवस समारोह को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखने के लिए गृह मंत्रालय ने जिलों के प्रमुख स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसके तहत प्रत्येक जिले में महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों की पहचान कर वहां 15 दिन से लेकर एक महीने तक स्वच्छता अभियान चलाया जा सकता है।
इस अभियान में स्कूली छात्रों के साथ एनएसएस, MY भारत, एनसीसी, युवा संगठनों और सामाजिक समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। इससे स्वतंत्रता दिवस समारोह को जनभागीदारी से जोड़ने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहेगा।
पौधरोपण अभियान पर भी जोर
सरकारी विभागों और शिक्षण संस्थानों को पौधरोपण अभियान चलाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और अन्य संस्थान स्थानीय स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। इससे स्वतंत्रता दिवस समारोह को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम
केंद्र की गाइडलाइन में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह से जोड़ने पर जोर दिया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में खाद्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
राज्यों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में पांच अन्य राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों को भागीदारी के लिए आमंत्रित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच आपसी समझ बढ़ाना और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।
झारखंड में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य की जनजातीय संस्कृति, लोक कला, खान-पान और परंपराओं को व्यापक मंच देने का अवसर मिल सकता है।
‘एट होम’ समारोह में खास मेहमानों को बुलाने का सुझाव
राज्यपाल या उपराज्यपाल निवास में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘एट होम’ समारोह आयोजित किया जा सकता है। इसके लिए शाम छह बजे के बाद का समय निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है।
इस समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित करने पर जोर दिया गया है। इनमें दिव्यांगजन, सफल व्यक्ति, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले ‘इको वॉरियर्स’, स्वच्छाग्रही, पद्म पुरस्कार विजेता और शहीदों के परिजन शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा खिलाड़ी, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, बहादुरी पुरस्कार प्राप्त बच्चे, महिला सरपंच, छात्र टॉपर और शोधकर्ता या नवोन्मेषक भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जा सकते हैं।
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राजधानी से पंचायत तक स्वतंत्रता दिवस की तैयारी
केंद्र के निर्देश के बाद झारखंड सरकार ने राजधानी से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक स्वतंत्रता दिवस समारोह को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ ध्वजारोहण, परेड, जनसंबोधन, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और सांस्कृतिक गतिविधियों को शामिल किया गया है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि 15 अगस्त का आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम न रहकर समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी वाला राष्ट्रीय पर्व बने। स्वतंत्रता दिवस 2026 के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब विभागों और जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों की तैयारी करनी होगी।
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