छात्रों की सरकार से अपील, विधानसभा मार्च FIR में नाम न हो

NEWS SAGA DESK

JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच छात्रों ने विधानसभा मार्च की FIR में किसी छात्र का नाम नहीं रखने की मांग की। 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा का ऐलान।

छात्रों की सरकार से अपील, विधानसभा मार्च FIR में नाम न हो

जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर झारखंड में छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। इसी बीच 10 अगस्त को हुए विधानसभा मार्च के बाद छात्र नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से बड़ी अपील की है। छात्रों ने मांग की है कि विधानसभा मार्च के मामले में दर्ज एफआईआर में किसी भी छात्र का नाम शामिल नहीं किया जाए। छात्र नेताओं ने कहा कि आंदोलन से जुड़े छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

एफआईआर में छात्रों का नाम नहीं शामिल करने की मांग

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के छात्र नेताओं ने गुरुवार रात प्रेसवार्ता कर आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही विभिन्न खबरों और दावों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

छात्र नेताओं ने अपील की कि एफआईआर में किसी भी आंदोलनकारी छात्र का नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

98 फीसदी मांगें मानने के दावे को बताया भ्रामक

प्रेसवार्ता के दौरान छात्र नेताओं ने सोशल मीडिया पर चल रहे उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि सरकार ने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। छात्र नेताओं के मुताबिक, उनकी प्रमुख मांग परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार से जुड़ी रही है। उनका कहना है कि इस दिशा में भी केवल सीमित स्तर पर सहमति बनी है, जबकि आंदोलन की कई महत्वपूर्ण मांगें अब भी लंबित हैं।

छात्र नेताओं ने कहा कि छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने वाली सूचनाओं से बचना जरूरी है। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों से अपील की कि वे किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करें।

छात्र नेताओं ने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें सरकार से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में छात्रों के शामिल नहीं होने की बात कही गई थी। मंच के नेताओं रविंद्र पासवान और पीयूष ने कहा कि वे स्वयं जेपीएससी और जेएसएससी की तैयारी करने वाले छात्र हैं।

20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव की खबर से किया इनकार

मंच के अधिकृत प्रवक्ता रविंद्र पासवान और पीयूष ने यह भी स्पष्ट किया कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कोई कार्यक्रम मंच की ओर से घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित ऐसी खबरों को भ्रामक बताया।

इसे भी देखें:-Jharkhand: देवेंद्रनाथ महतो को वापस धरनास्थल पर चाहते है छात्र, अस्पताल से डिस्चार्ज की कर रहे मांग

छात्र नेताओं ने आंदोलन में शामिल लोगों से अपील की कि वे केवल मंच के अधिकृत प्रवक्ताओं की ओर से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि के किसी कार्यक्रम की जानकारी साझा करने से आंदोलन को लेकर गलत संदेश जा सकता है।

राहुल गांधी से समर्थन वापस लेने पर विचार की अपील

छात्र नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो कांग्रेस को छात्रों के हित में सरकार से अपना समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए।

इसके साथ ही छात्रों ने मुख्यमंत्री से कार्मिक विभाग के प्रमुख के रूप में पुरानी नियुक्तियों में सामने आई कथित गड़बड़ियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दरोगा, कांस्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड समेत अन्य पदों पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग भी दोहराई।

Read More News

Read More