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रांची नगर निगम के दैनिक सफाई मजदूरों के लिए श्रम कानूनों का पालन कराने की मांग उठी है। भवन सिंह ने श्रमायुक्त से कार्रवाई की मांग कर आंदोलन की चेतावनी दी।

रांची नगर निगम के दैनिक सफाई मजदूरों के अधिकारों और श्रम कानूनों के अनुपालन को लेकर झारखंड सीटू ने आवाज उठाई है। झारखंड सीटू के कार्यकारी अध्यक्ष और झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने श्रमायुक्त से नगर निगम के दैनिक सफाई मजदूरों के हित में श्रम कानूनों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे मजदूरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है।
भवन सिंह ने गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि रांची नगर निगम सफाई मजदूर लंबे समय से अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और श्रम विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन वैधानिक प्रक्रिया के साथ आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होगी।
राष्ट्रीय पर्वों पर काम के बदले लाभ नहीं मिलने का आरोप
भवन सिंह ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय पर्वों के दौरान नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी अवकाश का लाभ लेते हैं, लेकिन दैनिक सफाई मजदूरों से काम लिया जाता है। उनके मुताबिक, छुट्टी के दिन काम करने के बावजूद मजदूरों को न तो डबल छुट्टी का लाभ दिया जाता है और न ही अतिरिक्त भत्ता मिलता है।
उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में दैनिक मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाले वैधानिक लाभों में कथित तौर पर भेदभाव किया जा रहा है। यूनियन ने इस व्यवस्था को बदलने और मजदूरों को उनके अधिकार देने की मांग की है।
महिला मजदूरों को मातृत्व अवकाश नहीं मिलने का दावा
झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन के अध्यक्ष ने महिला सफाई मजदूरों की समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला मजदूरों को मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं दिया जाता। इतना ही नहीं, उनके अनुसार अवकाश लेने पर सेवा समाप्त किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
भवन सिंह ने कहा कि दैनिक सफाई मजदूरों को नौकरी की सुरक्षा और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकार सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने श्रम विभाग से इस संबंध में शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
वेतन पर्ची और पहचान पत्र नहीं देने का आरोप
यूनियन ने आरोप लगाया कि नगर निगम के दैनिक सफाई मजदूरों को वेतन पर्ची और पहचान पत्र तक उपलब्ध नहीं कराया जाता। भवन सिंह के मुताबिक, मजदूरों के लिए वेतन से संबंधित स्पष्ट रिकॉर्ड और पहचान पत्र जरूरी हैं, ताकि वे अपने अधिकारों और रोजगार से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रख सकें।
उन्होंने दिसंबर 2013 में ए टू जेड कंपनी के ठेके के दौरान किए गए काम की मजदूरी का भुगतान अब तक लंबित होने का भी दावा किया। यूनियन का कहना है कि इस मामले को लेकर वह पिछले एक साल से श्रम विभाग का दरवाजा खटखटा रही है।
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भवन सिंह ने कहा कि अप्रैल से बढ़े महंगाई भत्ते का भुगतान भी रांची नगर निगम सफाई मजदूरों को अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि निगम के नियमित कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान किया जा रहा है, जबकि दैनिक मजदूर इससे वंचित हैं।
उन्होंने श्रमायुक्त से मांग की कि नगर निगम प्रशासन को बुलाकर मजदूरों की समस्याओं पर चर्चा की जाए और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले सभी लाभ सुनिश्चित किए जाएं।
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