झारखंड के प्रवाशी मजदूरों की चमोली टनल हादसे में 7 लोगों की मौत, 3 अब भी लापता

NEWS SAGA DESK

चमोली टनल हादसे में 7 मजदूरों की मौत और 3 के लापता होने से झारखंड के श्रमिकों को लेकर चिंता बढ़ी है। हेमंत सोरेन ने धामी से बात की।

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीआरटी टनल में हुए हादसे के बाद झारखंड के श्रमिकों को लेकर चिंता बढ़ गई है। हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की सूचना है, जबकि तीन श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। खूंटी, गुमला समेत झारखंड के अन्य जिलों के कुछ श्रमिक इस परियोजना में काम कर रहे थे। हालांकि, झारखंड के कितने श्रमिक टनल में फंसे हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

टनल में अचानक भर गया मलबा और पानी

जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब सात बजे निर्माणाधीन टनल के अंदर एक कैविटी से अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा बाहर आ गया। इससे वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला और कई श्रमिक टनल के अंदर फंस गए।

बताया गया है कि करीब 3.5 किलोमीटर लंबी टनल में लगभग 1.8 किलोमीटर अंदर यह हादसा हुआ। हादसे के समय टनल के भीतर ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान जोरदार धमाके के साथ पानी और बड़ी मात्रा में मलबा सुरंग के अंदर भर गया।

चमोली टनल हादसा सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। हादसे में सात मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 मजदूरों के घायल होने की सूचना है। तीन मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है।

SDRF और NDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटीं

हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू टीमों की ओर से मलबा हटाकर टनल के अंदर फंसे श्रमिकों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

बचाव अभियान के दौरान सुरंग के अंदर की स्थिति चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है। राहत दल लगातार मलबा हटाने और संभावित स्थानों तक पहुंचने में जुटे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

झारखंड के श्रमिकों को लेकर सरकार सक्रिय

चमोली टनल हादसा सामने आने के बाद झारखंड सरकार भी सक्रिय हो गई है। राज्य सरकार संबंधित श्रमिकों की स्थिति की जानकारी जुटा रही है और उनके परिजनों तक सही सूचना पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की। हेमंत सोरेन ने झारखंड के श्रमिकों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

हेमंत सोरेन ने हादसों पर जताई चिंता

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निर्माणाधीन सुरंगों में बार-बार होने वाले हादसों और श्रमिकों के फंसने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणामों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन को लेकर सावधान करती हैं।

झारखंड सरकार ने उन लोगों से संपर्क करने की अपील की है, जिनके परिजन या परिचित चमोली की संबंधित परियोजना में काम करने गए हैं। सरकार ने कहा है कि ऐसे लोग राज्य के कंट्रोल रूम से संपर्क कर श्रमिकों से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं।

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