दलीप ट्रॉफी में वैभव मचाएंगे धमालत, 6 दिन की ली स्पेशल क्लास

NEWS SAGA DESK

दलीप ट्रॉफी से पहले वैभव सूर्यवंशी ने रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी तेज कर दी है। बचपन के कोच मनीष ओझा ने छह दिन तक उन्हें खास ट्रेनिंग दी।

टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बना चुके वैभव सूर्यवंशी अब रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने की तैयारी में जुट गए हैं। आईपीएल में शतक लगाने वाले इस युवा बल्लेबाज के सामने अगली बड़ी चुनौती दलीप ट्रॉफी है, जिसका आगाज 23 अगस्त से बेंगलुरु में होने जा रहा है।
वैभव जानते हैं कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट का खेल टी20 से बिल्कुल अलग है। यहां सिर्फ तेजी से रन बनाना ही काफी नहीं होता, बल्कि घंटों क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी करने की क्षमता भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए वैभव ने अपनी बल्लेबाजी के तरीके और मानसिकता पर काम शुरू किया है।

खेल टी20

इस तैयारी में उनका साथ देने के लिए उनके बचपन के कोच मनीष ओझा खास तौर पर नागपुर पहुंचे। वैभव ने खुद अपने पुराने कोच को पटना से बुलाया था। करीब छह दिनों तक दोनों ने राजस्थान रॉयल्स की एकेडमी में साथ ट्रेनिंग की। मनीष ओझा के मुताबिक, इन छह दिनों में सबसे ज्यादा जोर तकनीक से ज्यादा लंबी पारी खेलने की मानसिकता पर दिया गया। वैभव को समझाया गया कि चार या पांच दिन के मैच में बल्लेबाजी को अलग-अलग सेशन में बांटकर कैसे आगे बढ़ना है। लंच से पहले का खेल अलग, लंच के बाद टी तक अलग और दिन के आखिरी सेशन में अलग रणनीति इसी सोच के साथ वैभव को तैयार किया गया।

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रेड-बॉल क्रिकेट
में शॉट चयन पर भी खास काम हुआ। शुरुआत में वैभव को लगा कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट के लिए उन्हें अपने आक्रामक शॉट्स पूरी तरह छोड़ने होंगे। लेकिन कोच ने उन्हें समझाया कि ऐसा करने की जरूरत नहीं है।

मनीष ओझा ने यह भी कहा कि अगर वैभव 90 ओवर तक अपनी एकाग्रता बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो उनमें तिहरा शतक लगाने की क्षमता है। हालांकि इसके लिए धैर्य और गेंद की समझ बेहद जरूरी होगी। वैभव की सफलता के बावजूद उनके व्यवहार में आए बदलाव पर कोच ने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट और आईपीएल में पहचान बनाने के बाद भी उनमें स्टारडम का कोई बड़ा असर नहीं दिखा। उनके लिए वैभव आज भी वही बच्चा हैं, जो शुरुआती दिनों में उनकी एकेडमी में ट्रेनिंग करता था। अब दलीप ट्रॉफी वैभव के लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि खुद को रेड-बॉल क्रिकेट के लिए तैयार साबित करने का मौका है। अगर वह टी20 की विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ फर्स्ट क्लास क्रिकेट का धैर्य भी दिखा देते हैं, तो भारतीय क्रिकेट में उनके लिए एक और बड़ा दरवाजा खुल सकता है।

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