NEWS SAGA DESK
भारत में क्रिकेट कैसे पहुंचा और कैसे करोड़ों लोगों का जुनून बना? जानिए 18वीं सदी से लेकर 1983 विश्व कप, IPL और आधुनिक क्रिकेट तक का रोचक इतिहास।
भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं और सपनों का हिस्सा है। गली-मोहल्लों में क्रिकेट खेलते बच्चे हों या बड़े मैच के दौरान टीवी के सामने बैठे परिवार, हर जगह इस खेल की दीवानगी दिखाई देती है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि क्रिकेट भारत का पारंपरिक खेल नहीं था। अंग्रेज इसे भारत लेकर आए थे। समय के साथ भारतीयों ने इस खेल को अपनाया और अपनी मेहनत से इसे देश की पहचान का हिस्सा बना दिया।

भारत में क्रिकेट की शुरुआत 18वीं सदी में मानी जाती है। शुरुआती दौर में अंग्रेज और यूरोपीय लोग इस खेल को खेलते थे। धीरे-धीरे भारतीयों की रुचि भी क्रिकेट में बढ़ने लगी। बड़े शहरों में क्रिकेट क्लब बनने लगे और भारतीय खिलाड़ियों ने भी इस खेल में अपनी जगह बनानी शुरू की।
भारतीय क्रिकेट के शुरुआती दौर में महाराजा रणजीतसिंहजी का नाम बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने इंग्लैंड की ओर से क्रिकेट खेलकर शानदार प्रदर्शन किया। उनकी सफलता ने भारतीय खिलाड़ियों को भरोसा दिया कि वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं। उनके सम्मान में भारत की प्रमुख घरेलू प्रतियोगिता का नाम रणजी ट्रॉफी रखा गया।

भारतीय क्रिकेट को संगठित रूप देने के लिए 1928 में BCCI की स्थापना हुई। इसके बाद भारत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगे बढ़ने का रास्ता मिला। वर्ष 1932 में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में अपना पहला टेस्ट मैच खेला। सीके नायडू ने उस टीम की कप्तानी की।
आजादी के बाद भारतीय क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ा। सुनील गावस्कर, गुंडप्पा विश्वनाथ और बिशन सिंह बेदी जैसे खिलाड़ियों ने टीम को नई पहचान दी। 1971 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतना भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा पड़ाव रहा।

भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता का सबसे बड़ा मोड़ 1983 का विश्व कप रहा। कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीता। इस ऐतिहासिक जीत के बाद देश के लाखों बच्चों ने क्रिकेटर बनने का सपना देखना शुरू किया। छोटे शहरों और कस्बों में भी क्रिकेट का जुनून तेजी से बढ़ा। 2007 में भारत ने पहला T20 वर्ल्ड कप जीतकर इस छोटे फॉर्मेट की लोकप्रियता बढ़ाई। इसके एक साल बाद 2008 में IPL की शुरुआत हुई। IPL ने भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों को एक मंच पर लाकर क्रिकेट को मनोरंजन और बड़े बिजनेस से भी जोड़ दिया। युवा खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा अवसर मिला।

भारतीय महिला क्रिकेट ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है। मिताली राज, झूलन गोस्वामी, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना जैसी खिलाड़ियों ने देश में महिला क्रिकेट को लोकप्रिय बनाया। 2023 में WPL की शुरुआत ने महिला खिलाड़ियों को एक बड़ा घरेलू मंच दिया।
इसे भी देखें:-JSSC CGL फैसले से छात्रों में जश्न | मुख्यमंत्री का जताया आभार, हबीबा ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
आज क्रिकेट भारत की संस्कृति और लोकप्रिय जीवन का हिस्सा बन चुका है। गली के मैदान से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक इसका जुनून दिखाई देता है। अंग्रेजों के दौर में भारत आया यह खेल आज करोड़ों भारतीयों के लिए जुनून, गर्व और सपना बन चुका है।
No Comment! Be the first one.