योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर कहा कि उन्होंने राम के लिए सत्ता गंवाई, लेकिन रामभक्तों पर गोली नहीं चलवाई। लखनऊ में श्रद्धांजलि दी।
News Saga Desk
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से वह बाबू जी के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल्याण सिंह ने प्रभु श्रीराम के लिए अपनी सत्ता गंवा दी, लेकिन रामभक्तों पर गोली नहीं चलाई। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह के रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके लिए सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रभु श्रीराम और उनसे जुड़े आस्था के विषय थे।
सत्ता से ज्यादा राम के प्रति आस्था को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह का स्पष्ट मत था कि संघर्ष स्वीकार है और सत्ता चली जाए तो भी स्वीकार है, लेकिन प्रभु श्रीराम का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। योगी ने कहा कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर को देखकर बाबू जी की स्मृति जीवंत हो उठती है।

योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के साथ अपने लंबे जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें विभिन्न कार्यक्रमों में लंबे समय तक बाबू जी के साथ रहने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह की स्मृतियों को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का मूल्य उसके कर्मों से तय होता है।
किसान परिवार से मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक का सफर
मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह के जीवन के विभिन्न पड़ावों को याद किया। उन्होंने कहा कि अतरौली के एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले कल्याण सिंह ने अपनी कर्मठता और देश के प्रति समर्पण के कारण सार्वजनिक जीवन में लंबी यात्रा तय की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक स्वयंसेवक के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले कल्याण सिंह ने किसान, शिक्षक, विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल जैसे विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। योगी ने उनके जीवन को सादगी, तप और साधना से भरा हुआ बताया।
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सनातन मूल्यों और गरीबों के लिए समर्पण का जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन उन लोगों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा, जिनके लिए राष्ट्र और सनातन मूल्य प्राथमिकता रखते हैं। उन्होंने कहा कि बाबू जी ने सनातन मूल्यों की रक्षा के साथ गरीबों, किसानों और युवाओं के हितों के लिए भी अपना जीवन समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह ने उत्तर प्रदेश में सुशासन की नींव रखने के साथ युवाओं को आगे बढ़ने का मंच दिया और प्रदेश को एक अलग पहचान दिलाई। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में कल्याण सिंह की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके निधन के समय अपने कार्यक्रम निरस्त कर लखनऊ पहुंचे थे। योगी ने बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती द्वारा कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने का उल्लेख भी किया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कल्याण सिंह को प्रत्यक्ष श्रद्धांजलि देने के बजाय उनके प्रति उचित सम्मान व्यक्त नहीं किया गया। उन्होंने इसे बाबू जी का अपमान बताया। यह बयान कार्यक्रम में मौजूद राजनीतिक संदर्भ को भी सामने लाया।
कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे।
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