Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 1127 पहुंचा। तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
Nepal Flood: नेपाल में भारी बारिश के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और उससे जुड़ी आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 बतायी गयी है। आपदा के करीब एक सप्ताह बाद भी कई इलाकों में हालात सामान्य नहीं हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के अब भी लापता होने की खबर है। इस बीच देश की प्रमुख नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने से नई चिंता पैदा हो गयी है।

बुधवार सुबह छह बजे तक सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। अधिकारियों ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
तीन प्रमुख नदियों का बढ़ा जलस्तर
नेपाल में Nepal Flood का खतरा अभी टला नहीं है। जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने मध्य, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जल एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, लामजुंग जिले में मार्स्यांगदी नदी का जलस्तर मंगलवार रात 11:15 बजे भुकुंडेबेसी जलस्तर निगरानी केंद्र पर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया था।
विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक नदी का जलस्तर बढ़ना जारी है। पानी का बहाव बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
निचले इलाकों में रहने वालों को अलर्ट
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन ने नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों से पानी के स्तर पर नजर रखने और स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है।
बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
नेपाल में मानसून अब भी सक्रिय
नेपाल के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। राजधानी काठमांडू समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों में मानसून सक्रिय रहने के कारण नदियों और जलस्रोतों में पानी बढ़ रहा है।
भारी बारिश के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना रहता है। यही वजह है कि प्रशासन जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।
Nepal Flood की मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पहले से प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा जलस्तर बढ़ने से राहत और बचाव अभियान प्रभावित हो सकता है।
शवों के मिलने का सिलसिला जारी
नेपाल पुलिस के मुताबिक बाढ़ और आपदा के बाद विभिन्न जिलों से शव बरामद किए जा रहे हैं। चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 190 और नुवाकोट से 155 शव बरामद किए जाने की जानकारी दी गयी है।
इसके अलावा गोरखा से 66, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनाहूं से 38 शव बरामद हुए हैं। आंकड़ों से आपदा की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, अब तक 1,113 शवों का पोस्टमार्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, 95 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं।
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