NEWS SAGA DESK:
सावन के बाद भादो में भी झारखंड में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सितंबर की शुरुआत बारिश के साथ होने के बाद अब इसका असर राज्य के जलाशयों पर भी नजर आने लगा है। रामगढ़ के पतरातू डैम में लगातार पानी की आवक बढ़ने के कारण प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर चार फाटक खोल दिए हैं
सावन के बाद भादो में भी झारखंड में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सितंबर की शुरुआत बारिश के साथ होने के बाद अब इसका असर राज्य के जलाशयों पर भी नजर आने लगा है। रामगढ़ के पतरातू डैम में लगातार पानी की आवक बढ़ने के कारण प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर चार फाटक खोल दिए हैं। फिलहाल इन गेटों से करीब 1330 क्यूसेक पानी बाहर निकाला जा रहा है।

लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डैम प्रबंधन पानी के बहाव और जलस्तर की निगरानी कर रहा है। फिलहाल गेट नंबर 3, 4, 5 और 6 खुले हैं। अधिकारियों के मुताबिक बारिश और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए आगे जरूरत पड़ने पर अन्य फाटक भी खोले जा सकते हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
मौसम में बदलाव की बड़ी वजह गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र माना जा रहा है। इसके प्रभाव से झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। पतरातू डैम के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश होने से पानी की आवक बढ़ी, जिसके बाद अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू करनी पड़ी। राज्य के अन्य जलाशयों और नदियों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती दिनों में पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। झारखंड में भी 2 सितंबर को कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और यातायात बाधित होने का खतरा बना रह सकता है। वहीं कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। लगातार बारिश को देखते हुए डैम और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और तेज बारिश के दौरान जलभराव या नदी के आसपास जाने से बचें।
No Comment! Be the first one.