BJP के बाद छात्र आंदोलन को लेकर गठबंधन प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्य सचिव से मुलाकात

झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर JMM, कांग्रेस और RJD प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात की और अराजक तत्वों पर कार्रवाई व CID जांच तेज करने की मांग की।

News Saga Desk

झारखंड में चल रहे झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रांची में मुख्य सचिव से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर अराजकता फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद गठबंधन के नेताओं ने पत्रकारों से बातचीत की और पूरे मामले को लेकर अपनी बात रखी। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता विनोद पांडे और राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मनोज यादव शामिल रहे।

छात्र आंदोलन में अराजक तत्वों की पहचान की मांग

गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्र गांधीवादी तरीके से अपना आंदोलन कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों ने आंदोलन के बीच शामिल होकर माहौल बिगाड़ने और अराजकता फैलाने का प्रयास किया।

नेताओं ने मुख्य सचिव से मांग की कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर ऐसे लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून व्यवस्था को प्रभावित करने या आंदोलन की आड़ में हिंसा अथवा अराजकता फैलाने का काम किया है, तो उसे चिन्हित कर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

CID जांच में तेजी लाने की मांग

झारखंड छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जांच को लेकर भी मुख्य सचिव के साथ बातचीत हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मामले की CID जांच चल रही है और सरकार से इस जांच की गति तेज करने का आग्रह किया गया है।

गठबंधन नेताओं का कहना है कि जांच को जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने मुख्य सचिव से आग्रह किया कि CID जांच में तेजी लाकर दोषियों की पहचान की जाए और पूरे प्रकरण का जल्द पटाक्षेप किया जाए।

एक दिन पहले BJP प्रतिनिधिमंडल ने की थी CBI जांच की मांग

इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। गौरतलब है कि इसके ठीक एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी मुख्य सचिव से मिला था। BJP की ओर से मामले की CBI जांच कराने की मांग रखी गई थी।

BJP ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। ऐसे में अब सत्तारूढ़ गठबंधन के दलों का मुख्य सचिव से मिलना इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियों के बढ़ने का संकेत माना जा रहा है।

जांच को लेकर आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष

छात्र आंदोलन से जुड़े मामले में जहां BJP CBI जांच की मांग कर रही है, वहीं JMM, कांग्रेस और RJD के प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा CID जांच को तेज करने की मांग की है। इस तरह जांच की एजेंसी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आ गया है।

अब सभी की नजर सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। यह देखना अहम होगा कि CID जांच में कितनी तेजी आती है और जांच के बाद किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

फिलहाल झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक हलचल जारी है और मुख्य सचिव के साथ हुई दोनों पक्षों की मुलाकात के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना है।

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