झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। गिरिडीह में आज 3:30 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
News Saga Desk
झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मंत्री को याद करते हुए कहा कि उनके असामयिक निधन की खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है। उन्होंने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को अपने लिए व्यक्तिगत क्षति और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मंत्रिमंडल के सहयोगी और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू का जाना उनके व्यक्तिगत जीवन में ऐसी शून्यता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू की कमी हमेशा महसूस होगी।
‘ज़िंदगी कितनी क्षणभंगुर है’
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में जीवन की क्षणभंगुरता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज सुदिव्य कुमार सोनू को याद करते हुए मन में बार-बार यह विचार आ रहा है कि जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है।
उन्होंने कहा कि कल तक जो आवाज उनके बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। मुख्यमंत्री के इस भावुक संदेश से सुदिव्य कुमार सोनू के साथ उनके करीबी रिश्ते और व्यक्तिगत जुड़ाव की झलक मिलती है।
‘राज्य के लिए अपूरणीय क्षति’
हेमंत सोरेन ने कहा कि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का परलोक गमन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है, जबकि पूरे राज्य के लिए यह अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू की कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास, खेलकूद तथा पर्यटन समेत महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके आकस्मिक निधन के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।
परिजनों के लिए मांगा संबल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुःख की इस घड़ी में ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति और संबल प्रदान करें।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, कार्यकर्ता और आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राज्य सरकार ने उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ करने का निर्णय लिया है।
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