बिहार के किशनगंज में यूरिया जब्त, 90 बोरा खाद बरामद

बिहार के किशनगंज में यूरिया जब्त मामले में 90 बोरा खाद बरामद हुई है। 4.05 टन यूरिया के कागजात नहीं मिले। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और प्राथमिकी की तैयारी है।

News Saga Desk

बिहार के किशनगंज में यूरिया जब्त किए जाने के बाद जिले में खाद की अवैध ढुलाई और कालाबाजारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कृषि विभाग की टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध जुगाड़ गाड़ी से 90 बोरा यूरिया बरामद किया। जब्त खाद का कुल वजन करीब 4,050 किलोग्राम यानी 4.05 टन बताया गया है। वाहन में HURL कंपनी का यूरिया लदा हुआ था, लेकिन जांच के दौरान उससे संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

मामले में कृषि समवाक सह उर्वरक निरीक्षक नीरज कुमार ने किशनगंज टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। कृषि विभाग ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई का अनुरोध किया है।

देर रात संदिग्ध जुगाड़ गाड़ी को रोका

जानकारी के अनुसार, जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में उर्वरक निरीक्षक नीरज कुमार पांच सितंबर की देर रात लाम्बा बस्ती और चकला आदिवासी टोला के आसपास निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान चकला महीन गांव रोड की ओर से तिरपाल से ढकी एक जुगाड़ गाड़ी आती दिखाई दी।

निरीक्षण टीम ने वाहन को रुकने का इशारा किया। वाहन रुकने के बाद टीम ने चालक को पकड़ लिया और इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही करीब दस लोग वहां पहुंच गए।

आवेदन के मुताबिक, साकिर आलम नामक व्यक्ति चालक को अपने साथ लेकर चला गया। कृषि विभाग ने आशंका जताई है कि साकिर आलम चालक का सहयोगी हो सकता है। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया।

वाहन से मिले 90 बोरा यूरिया

चालक के मौके से चले जाने के बाद पुलिस और कृषि विभाग की टीम जुगाड़ गाड़ी को किशनगंज टाउन थाना लेकर पहुंची। वहां वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान गाड़ी में HURL कंपनी का यूरिया लदा मिला।

किशनगंज में यूरिया जब्त होने की इस कार्रवाई में कुल 90 बोरा खाद बरामद की गई। इसका वजन 4,050 किलोग्राम बताया गया है। टीम ने काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन कोई भी व्यक्ति जब्त उर्वरक से संबंधित वैध कागजात लेकर थाने नहीं पहुंचा।

इसके बाद कृषि विभाग की ओर से देर रात जब्ती सूची तैयार की गई। इसमें 90 बोरा यूरिया के अलावा जुगाड़ गाड़ी और एक मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है।

किशनगंज

कालाबाजारी और अवैध ढुलाई की आशंका

कृषि विभाग के मुताबिक, उर्वरक के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं मिलने के कारण प्रथमदृष्टया अवैध ढुलाई, कालाबाजारी या जमाखोरी की आशंका है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

किशनगंज में यूरिया जब्त मामले में विभाग ने वाहन मालिक, संचालक, साकिर आलम और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था।

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