अग्निमित्रा पाल का ऐलान, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

अग्निमित्रा पाल ने आसनसोल में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की बात कही। अवैध निर्माण और कब्जे पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया।

News Saga Desk

पश्चिम बर्दवान के आसनसोल में अग्निमित्रा पाल ने भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट की है। रविवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेवा केंद्र के उद्घाटन समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और सभी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न के अलावा आम नागरिकों के साथ अत्याचार, राजनीतिक कारणों से प्रताड़ना, जमीन-मकान पर अवैध कब्जा और विरोध करने वालों को कथित रूप से झूठे मामलों में फंसाने जैसी गतिविधियों को भी किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि अत्याचार का मुद्दा केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, अलग-अलग कारणों से आम नागरिकों को भी परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को केवल राजनीतिक दल से जुड़े होने या अपने अधिकारों की मांग करने के कारण कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया।

भ्रष्टाचार पर सरकार का सख्त रुख

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति हर उस गतिविधि पर लागू होगी, जो कानून के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान कई अवैध गतिविधियों को व्यवस्था का हिस्सा बनाकर उन्हें वैध रूप देने की कोशिश की गई।

मंत्री के बयान के बाद भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सरकार के रुख को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित मामलों की जांच के बाद ही हो सकेगी।

अग्निमित्रा पाल

उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

जमीन और मकान पर अवैध कब्जे का मुद्दा

मंत्री ने आम लोगों की संपत्ति से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की जमीन या मकान पर कथित तौर पर अवैध कब्जा किया जाता है और वह इसका विरोध करता है, तो उसे दबाने के लिए मामलों में फंसाने जैसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

अग्निमित्रा पाल के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों को भय और अत्याचार से मुक्त वातावरण देना है। उन्होंने कहा कि लोगों के अधिकारों की रक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में अवैध निर्माण और शहरी विकास से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में मंत्री का यह रुख शहरी क्षेत्रों में निर्माण और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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बारानगर की अवैध इमारतों का किया जिक्र

अग्निमित्रा पाल ने बारानगर में अवैध इमारतों के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई अवैध इमारतों को गिराए जाने के बाद निर्माण प्रक्रिया और कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं।

मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए कम मंजिलों का नक्शा स्वीकृत कराया जाता था, लेकिन बाद में उससे अधिक मंजिलों का निर्माण कर दिया जाता था। उन्होंने इसे गंभीर अनियमितता बताया।

उनके अनुसार, यदि किसी भवन के लिए चार मंजिल का नक्शा और उसी के अनुरूप नींव स्वीकृत है, लेकिन बाद में आठ मंजिल तक निर्माण कर दिया जाता है, तो यह नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

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