पश्चिम बंगाल में स्वच्छता अभियान के तहत 22 जिलों की 128 नगरपालिकाओं में सफाई हुई। 27,378 मच्छर प्रजनन स्थल नष्ट किए गए।
News Saga Desk
पश्चिम बंगाल में स्वच्छता अभियान के जरिए साफ-सफाई और डेंगू की रोकथाम को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। राज्य सरकार के नगर विकास एवं नगर मामलों के विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय ‘स्वच्छता संकल्प अभियान’ के तहत 22 जिलों की 128 नगरपालिकाओं के 1,600 से अधिक वार्डों में व्यापक सफाई अभियान संचालित किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए अभियान की सफलता की जानकारी साझा की।
अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई के साथ-साथ जलजमाव और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म कर डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम करना था। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नालियों की सफाई, कचरा हटाने और सार्वजनिक परिसरों को स्वच्छ बनाने का काम किया गया।
22 जिलों के 1,600 से अधिक वार्डों में अभियान
स्वच्छता अभियान को राज्य के बड़े हिस्से में एक साथ संचालित किया गया। इसके तहत 22 जिलों की 128 नगरपालिकाओं के 1,600 से अधिक वार्डों को शामिल किया गया। नगर निकायों के स्तर पर कर्मचारियों और संबंधित टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई कार्य किया।
अभियान के दौरान 6,065 अवरुद्ध नालियों की सफाई की गई। इसके अलावा 1,608 स्थानों पर जमा कचरे को हटाया गया। सड़कों के किनारे जमा कचरे की सफाई के लिए भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया और 4,511 स्थानों से गंदगी हटाई गई।
डेंगू रोकथाम पर विशेष जोर
स्वच्छता अभियान के साथ डेंगू की रोकथाम को भी प्राथमिकता दी गई। अभियान के तहत 27,378 स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने की पहल की गई। इसका उद्देश्य ऐसे स्थानों की पहचान करना था, जहां पानी जमा होने के कारण मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है।

डेंगू की रोकथाम के लिए जलजमाव वाले स्थानों की सफाई और संभावित प्रजनन स्थलों को खत्म करना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर चलाए गए इस अभियान को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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बाजार और शैक्षणिक संस्थानों में भी सफाई
अभियान केवल सड़कों और नालियों तक सीमित नहीं रहा। बाजारों, हाटों, स्कूल-कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और अस्पताल परिसरों में भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान 1,106 बाजार और हाटों की सफाई की गई। इसके अलावा 1,304 स्कूल एवं कॉलेज परिसरों को स्वच्छ किया गया। 544 सरकारी कार्यालय परिसरों और 315 अस्पताल परिसरों में भी सफाई अभियान चलाया गया।
इन स्थानों पर नियमित साफ-सफाई बनाए रखना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। सार्वजनिक परिसरों की स्वच्छता से संक्रमण और गंदगी से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
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