रांची में फिर जानलेवा बना चाइनीज मांझा, रातू रोड ओवरब्रिज पर युवक का गला कटा

रांची के रातू रोड ओवरब्रिज पर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से किशन सिन्हा का गला कट गया। लोगों ने मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती की मांग की।

News Saga Desk

रांची: राजधानी रांची में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। शनिवार को रातू रोड ओवरब्रिज से गुजर रहे पंडरा निवासी किशन सिन्हा इसकी चपेट में आ गए। अचानक चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया, जिससे उनका गला कट गया और वे घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में चाइनीज मांझे के इस्तेमाल को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, किशन सिन्हा शनिवार को रातू रोड ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक मांझा उनके गले में फंस गया। मांझा इतना धारदार था कि इससे उनके गले पर कट लग गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उनकी मदद की।

सड़क और ओवरब्रिज पर बना रहता है खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि रातू रोड और इसके आसपास के इलाकों में कुछ लोग अब भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का इस्तेमाल कर पतंग उड़ाते हैं। पतंग उड़ाने के दौरान कई बार मांझा टूटकर सड़क या ओवरब्रिज पर गिर जाता है।

सड़क पर पड़ा यह मांझा दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आसानी से दिखाई नहीं देता। ऐसे में अचानक मांझे की चपेट में आने से गंभीर हादसा हो सकता है। खासकर गर्दन और चेहरे पर मांझा फंसने की स्थिति में चोट गंभीर हो सकती है।

पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले

चाइनीज मांझे को लेकर लोगों की चिंता नई नहीं है। इसके धारदार होने के कारण सड़क पर चलने वाले लोगों के घायल होने का खतरा बना रहता है। कई बार दोपहिया वाहन चालक अचानक मांझे की चपेट में आने से नियंत्रण खो सकते हैं।

रातू रोड ओवरब्रिज पर हुई ताजा घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती की मांग

स्थानीय लोगों ने पुलिस और जिला प्रशासन से प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दुकानों पर भी निगरानी जरूरी है।

लोगों ने मांग की है कि चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों और इसका इस्तेमाल कर पतंग उड़ाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही रातू रोड, ओवरब्रिज और अन्य व्यस्त सड़कों के आसपास विशेष निगरानी अभियान चलाने की भी मांग उठी है।

किशन सिन्हा के साथ हुई घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा लोगों तक कैसे पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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