झारखंड की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने सरकारी अस्पतालों के लिए होने वाली दवाइयों की खरीद में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं
रांची। झारखंड की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने सरकारी अस्पतालों के लिए होने वाली दवाइयों की खरीद में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ जरूरी दवाओं के लिए झारखंड में दूसरे राज्यों की तुलना में अधिक कीमत चुकाई जा रही है।
अजय साह ने Amoxicillin 500 mg और ORS 21 ग्राम का उदाहरण देते हुए खरीद दरों में कथित अंतर का मुद्दा उठाया। भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, Amoxicillin 500 mg की खरीद बिहार में करीब 1.15 रुपये की दर से होने का दावा है, जबकि झारखंड में इसकी कीमत करीब 3.50 रुपये बताई जा रही है। इसी तरह ORS की खरीद दर को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए और झारखंड में इसकी कीमत करीब 8.50 रुपये होने का दावा किया।
11 सदर अस्पतालों के टेंडर पर भी सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने राज्य के 11 सदर अस्पतालों से जुड़े टेंडरों को लेकर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि इन अस्पतालों के लिए जारी 11 टेंडर रांची के एक ही परिवार से जुड़ी फर्मों को दिए गए। भाजपा ने कथित तौर पर बाजार कीमत और खरीद दर के बीच अंतर की जांच की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। ऐसे में टेंडर की शर्तों, बोली प्रक्रिया और स्वीकृत दरों की आधिकारिक जांच से ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
एम्बुलेंस और दवाओं की उपलब्धता पर भी निशाना
अजय साह ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के दूसरे पहलुओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस व्यवस्था से लेकर अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता तक कई मुद्दे लगातार सामने आ रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राज्य में पहले दवाओं के एक्सपायर होने और उन्हें नष्ट किए जाने जैसे मामले भी चर्चा में रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार को अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और खरीद प्रक्रिया दोनों को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर हमला
भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पार्टी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों में लगातार सवाल उठ रहे हैं और इसकी प्रशासनिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इरफान अंसारी राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री हैं। अजय साह ने टेंडर, एम्बुलेंस, मोतियाबिंद ऑपरेशन और दवा खरीद जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए मंत्री से जवाब मांगा।
तीखे बयान से बढ़ा सियासी विवाद
मामले को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने स्वास्थ्य मंत्री पर तीखा राजनीतिक हमला भी किया। उन्होंने कहा कि “वोट चोरी पर नौटंकी करने वाले मंत्री दवाई चोरी पर जवाब दें।” साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच की मांग की। फिलहाल भाजपा के लगाए गए आरोपों पर सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। वहीं, दवा खरीद को लेकर उठाए गए सवालों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित टेंडर, स्वीकृत दर और खरीद प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
No Comment! Be the first one.