पाकिस्तान में सियासी घमासान तेज, इमरान की रिहाई और इलाज की मांग पर अड़ी PTI

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सियासी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। सरकार और इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी।

NEWS SAGA DESK

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सियासी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। सरकार और इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। बातचीत विफल होने के बाद PTI समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन और लॉन्ग मार्च की तैयारी शुरू कर दी है।

PTI की प्रमुख मांगों में जेल में बंद इमरान खान से तत्काल मुलाकात, उनके लिए निजी डॉक्टर की सुविधा और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना शामिल है। पार्टी का कहना है कि इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित सुविधाओं वाले अस्पताल में इलाज मिलना चाहिए।

दो दौर की बातचीत, लेकिन नहीं निकला समाधान

सरकार और PTI के बीच बातचीत का पहला दौर शुक्रवार को हुआ था। उस दौरान दोनों पक्षों ने संवाद जारी रखने पर सहमति जताई, लेकिन किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंच सके। PTI ने इमरान खान को अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग रखी, जबकि सरकार की ओर से 4 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च को रद्द करने की मांग की गई। इसके बाद शनिवार को दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई। कई घंटे तक चर्चा चलने के बावजूद कोई समाधान सामने नहीं आया। इसके बाद PTI ने सरकार के खिलाफ अपने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की तैयारी तेज कर दी।

इमरान की बहनों की रिहाई की भी मांग

PTI ने विरोध प्रदर्शन से पहले इमरान खान की बहनों और अन्य समर्थकों की रिहाई की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि सरकार को राजनीतिक तनाव कम करने के लिए इन मुद्दों पर कदम उठाना चाहिए।

इससे पहले इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर भी विवाद सामने आ चुका है। 18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सेहत, खासकर आंखों की रोशनी को लेकर जताई गई चिंताओं के बीच मेडिकल जांच और इलाज के लिए उन्हें इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। पाकिस्तान सरकार ने इस आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी। अब बातचीत के विफल होने के बाद PTI के आंदोलन ने पाकिस्तान की राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्षी पार्टी के बीच टकराव किस दिशा में जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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