रांची के मोरहाबादी स्थित पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने झारखंड की जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और उन्हें मजबूत करने के लिए बड़े अभियान का ऐलान किया
NEWS SAGA DESK
रांची के मोरहाबादी स्थित पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने झारखंड की जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और उन्हें मजबूत करने के लिए बड़े अभियान का ऐलान किया। बंधु तिर्की ने बताया कि 9 अक्टूबर को राजधानी रांची में भाषा मार्च निकाला जाएगा।
इस मार्च में झारखंड की 9 जनजातीय भाषाओं से जुड़े छात्र, भाषा विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल होंगे। मार्च के जरिए सरकार का ध्यान जनजातीय भाषाओं के संरक्षण, विकास और उन्हें बढ़ावा देने की जरूरत की ओर आकर्षित किया जाएगा।
बंधु तिर्की ने कहा कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में लोग अपनी मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर काफी जागरूक हैं। इसके विपरीत झारखंड में जनजातीय भाषाओं के संरक्षण के लिए जिस स्तर पर प्रयास होने चाहिए, वह नजर नहीं आता।
उन्होंने दावा किया कि राज्य की कई आदिवासी भाषाएं धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं और आने वाले समय में इनके अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में भाषा को बचाने के लिए सरकार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर काम करने की जरूरत है।
भाषा मार्च में शामिल होने वाले लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आएंगे। आयोजकों का कहना है कि यह मार्च केवल विरोध का कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को बचाने की मुहिम है।
बंधु तिर्की ने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। इस अभियान को विश्वविद्यालयों तक ले जाने और जनजातीय भाषा के विद्यार्थियों को इससे जोड़कर जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही गई।
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