धनबाद पुलिस मुठभेड़ में राम प्रताप प्रसाद हत्याकांड के आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे के पैर में गोली लगी। पुलिस हथियार बरामदगी और अन्य मामलों की जांच कर रही है।
News Saga Desk
धनबाद में पुलिस मुठभेड़ का मामला सामने आया है। हत्या के एक मामले की जांच के दौरान देर रात पुलिस और आरोपित के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें शंकर डे उर्फ पिंकू डे के पैर में गोली लगी। पुलिस के मुताबिक, शंकर डे राम प्रताप प्रसाद की हत्या के मामले में संदिग्ध था और उसे मैथन से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद पुलिस टीम उसे हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए टुंडी के मनियाडीह ले गई थी। इसी दौरान आरोपित ने कथित तौर पर एक सब-इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनकर भागने और पुलिस टीम पर फायरिंग करने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
मनियाडीह में हथियार बरामदगी के दौरान मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, शंकर डे उर्फ पिंकू डे को मैथन इलाके से गिरफ्तार करने के बाद राम प्रताप प्रसाद हत्याकांड के संबंध में पूछताछ की जा रही थी। जांच के दौरान पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद करना चाहती थी। इसी उद्देश्य से टीम आरोपित को टुंडी थाना क्षेत्र के मनियाडीह लेकर पहुंची।
पुलिस का दावा है कि हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान आरोपित ने एक सब-इंस्पेक्टर की पिस्टल छीन ली और वहां से भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर गोली चलाई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शंकर डे के पैर में गोली लगी।
घटना के बाद घायल आरोपित को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। मुठभेड़ के घटनाक्रम की विस्तृत स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस संबंध में सामने आए विवरण पुलिस के दावे के रूप में ही देखे जाने चाहिए।
अगस्त में दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत
ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब के अनुसार, राम प्रताप प्रसाद के लापता होने की शिकायत अगस्त महीने में गोंदूडीह ओपी क्षेत्र में दर्ज कराई गई थी। उनकी पत्नी ने पुलिस को बताया था कि राम प्रताप पिछले दो दिनों से लापता हैं। शिकायत के दौरान शंकर नाम के एक व्यक्ति पर संदेह भी जताया गया था।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्ध की तलाश में जुट गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि शंकर मैथन के आसपास मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए शंकर डे उर्फ पिंकू डे को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपित ने राम प्रताप प्रसाद की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद जांच टीम ने हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी की प्रक्रिया शुरू की। इसी क्रम में मनियाडीह में मुठभेड़ की घटना हुई।
इसे भी देखे- रांची में पंडाल घूमने से पहले जान लें ट्रैफिक प्लान, इन रास्तों पर रहेगी रोक
लूट की रकम के विवाद में हत्या का आरोप
ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब के मुताबिक, इस मामले की पृष्ठभूमि में जून महीने में हुई लूट की एक घटना भी सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि गोंदूडीह ओपी क्षेत्र में हुई इस लूट को राम प्रताप प्रसाद और शंकर डे ने मिलकर अंजाम दिया था।
पुलिस की जांच के अनुसार, लूट की रकम के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद शंकर डे पर राम प्रताप प्रसाद की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस इस घटनाक्रम को हत्या के संभावित कारण के तौर पर देख रही है।
हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और जांच के निष्कर्षों को न्यायिक प्रक्रिया में परखा जाना बाकी है। आरोपित के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना आवश्यक है।
No Comment! Be the first one.