हजारीबाग के बड़कागांव स्थित गुरुचट्टी में 85 फीट ऊंचा दुर्गा पूजा पंडाल बनाया गया है। केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर तैयार पंडाल और पूजा आयोजन की पूरी जानकारी जानें।
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड में दुर्गापूजा को लेकर तैयारियां की गई हैं। गुरुचट्टी में थाना के सामने मां अंबे दुर्गा पूजा समिति की ओर से करीब 85 फीट ऊंचा पूजा पंडाल बनाया गया है। केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर तैयार इस पंडाल को रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक लाइटों से सजाया गया है। इसकी ऊंचाई और सजावट के कारण यह स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

बड़कागांव के अलावा कर्णपुरा क्षेत्र के आसपास के इलाकों से भी लोग पंडाल देखने पहुंच रहे हैं। दुर्गापूजा के अवसर पर क्षेत्र में चहल-पहल बढ़ गई है। समिति की ओर से पूजा और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया पंडाल
गुरुचट्टी में निर्मित दुर्गापूजा पंडाल को केदारनाथ मंदिर के प्रारूप के आधार पर तैयार किया गया है। लगभग 85 फीट ऊंची इस संरचना को आकर्षक रूप देने के लिए रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। रात के समय रोशनी से सजा पंडाल लोगों का ध्यान खींच रहा है।
समिति की ओर से पंडाल निर्माण और सजावट की व्यवस्था की गई है। बड़कागांव प्रखंड में दुर्गापूजा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पूजा पंडाल बनाए जाते हैं, लेकिन गुरुचट्टी का यह पंडाल अपनी ऊंचाई और मंदिर जैसी बनावट के कारण चर्चा में है। पंडाल देखने के लिए आसपास के गांवों और मोहल्लों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
वर्ष 2024 में शुरू हुई थी दुर्गापूजा
गुरुचट्टी में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर वर्ष 2024 में दुर्गापूजा की शुरुआत की गई थी। इस पहल में संस्थापक दामोदर प्रसाद मेहता और बड़कागांव के अन्य गणमान्य लोगों की भूमिका रही थी। इसके बाद से यहां दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा है।इस वर्ष भी मां अंबे दुर्गा पूजा समिति की ओर से पूजा की तैयारियां की गई हैं। पूजा के दौरान स्थानीय लोगों की भागीदारी रहती है। पंडाल की सजावट और प्रतिमा के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। 14 अक्टूबर को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के दौरान अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इसी क्रम में श्रद्धालु मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
पूजा आयोजन में समिति के पदाधिकारी निभा रहे जिम्मेदारी
मां अंबे दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी और सदस्य आयोजन को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। समिति के अध्यक्ष बिंदेश्वर कुमार उर्फ बिंदु दांगी, सचिव घनश्याम जायसवाल, उपाध्यक्ष अवध किशोर कुमार, उपसचिव सुमित कुमार और पूजा प्रभारी हुलास प्रसाद दांगी आयोजन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। समिति के संरक्षकों में जयशंकर मेहता, बालेश्वर महतो, झमन महतो, आदित्य सोनी, सुरेंद्र कुमार और दर्शन प्रसाद कुशवाहा शामिल हैं। आयोजन के विभिन्न कार्यों के लिए अन्य सदस्यों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
संयोजक इंद्रनाथ महतो, मनोरंजन मंत्री धननेश्वर प्रसाद, मीडिया प्रभारी पिंटू कुशवाहा, सफाई मंत्री नारायण महतो, नरेश कुमार और सोहन प्रसाद आयोजन में सहयोग कर रहे हैं। चंदा प्रभारी के रूप में शिव कुमार, सुनील कुमार और पुरुषोत्तम कुमार जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वहीं, संगठन मंत्री सत्यजीत विद्या अलंकार भी पूजा आयोजन में योगदान दे रहे हैं। दुर्गापूजा के दौरान गुरुचट्टी और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन और सजावट देखने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। समिति के सदस्य पूजा से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने में जुटे हैं। 85 फीट ऊंचा पंडाल और केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर तैयार इसकी संरचना इस वर्ष गुरुचट्टी के दुर्गापूजा आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। स्थानीय स्तर पर यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामुदायिक भागीदारी का उदाहरण बन रहा है।
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