बिहार में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने पटना समेत 32 जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। पढ़ें पूरी खबर।
बिहार में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। राज्यभर में हो रही झमाझम बारिश और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। इस अचानक आए बदलाव के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राजधानी पटना समेत कुल 32 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात (घायल/आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

32 जिलों में अलर्ट, सीतामढ़ी-मधुबनी में ‘रेड अलर्ट’
चक्रवात का सबसे गंभीर असर राज्य के उत्तरी और सीमावर्ती जिलों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार:
- रेड अलर्ट: मौसम का सबसे अधिक प्रकोप सीतामढ़ी और मधुबनी जिलों में देखने को मिल सकता है, जिसे लेकर अत्यधिक खतरे का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
- ऑरेंज अलर्ट: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और दरभंगा जिलों में भारी बारिश और आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
- येलो अलर्ट: राजधानी पटना समेत राज्य के अन्य कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।
- खराब मौसम और लगातार बारिश का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। रेल और विमान सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं:
- लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चल रही हैं। उदाहरण के लिए, हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन अपने तय समय से 11 घंटे से अधिक की देरी से पटना जंक्शन पहुंची।
- विमान यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है। खराब दृश्यता और मौसम की खराबी के कारण दिल्ली-पटना-दिल्ली के बीच संचालित होने वाली स्पाइसजेट की उड़ान (फ्लाइट) को रद्द करना पड़ा।
धान की फसल पर संकट और रबी की बुआई में देरी
इस बेमौसम बारिश और आंधी ने अन्नदाता यानी किसानों की नींद उड़ा दी है। तेज हवाओं और लगातार पानी गिरने के कारण खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत तक के भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, खेतों में अत्यधिक नमी होने के कारण आगामी रबी फसलों की बुआई का कार्य भी पिछड़ सकता है और उसमें काफी देरी हो सकती है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे इस खराब मौसम और आंधी-तूफान के दौरान अपने घरों के अंदर ही सुरक्षित रहें। साथ ही, किसी भी खतरे से बचने के लिए बड़े पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के खंभों व तारों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।
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