JTET 2026 में झारखंड के 5.60 लाख अभ्यर्थी 986 केंद्रों पर परीक्षा देंगे। CM हेमंत सोरेन ने निष्पक्ष और कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए विशेष अपील की।
News Saga Desk
झारखंड में करीब 10 साल के लंबे इंतजार के बाद होने जा रही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET 2026) को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विशेष अपील की है। राज्यभर में 5.60 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एक नवंबर को होने वाली इस परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए सरकार और प्रशासन तैयारियों में जुटे हैं। मुख्यमंत्री ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और परीक्षा कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों से जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह अपील सोशल मीडिया के साथ-साथ अखबारों में भी प्रकाशित की गई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में होना चाहिए। इसके लिए परीक्षा से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों से अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा के निर्धारित नियमों का पालन करने का आग्रह किया है। वहीं, अभिभावकों, शिक्षकों और परीक्षा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों से भी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाने की अपील की है।
परीक्षा को लेकर सरकार की प्रतिष्ठा भी दांव पर
झारखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कई बार सवाल उठे हैं। प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों ने राज्य की परीक्षा व्यवस्था को चर्चा में रखा है। इसके अलावा हाल के दिनों में कई परीक्षा और नियुक्ति विज्ञापनों को रद्द करने के फैसले भी सामने आए हैं, जिन्हें अदालत में चुनौती दी गई है।
ऐसे माहौल में करीब एक दशक बाद JTET परीक्षा का आयोजन सरकार और परीक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5.60 लाख अभ्यर्थियों की उम्मीदें इस परीक्षा से जुड़ी हैं। ऐसे में परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकना और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
986 परीक्षा केंद्रों पर शामिल होंगे 5.60 लाख अभ्यर्थी
JTET 2026 का आयोजन राज्यभर में 986 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी को देखते हुए परीक्षा के सुचारू संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और जांच की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे पहले स्पेशल ब्रांच ने पांच जिलों के लिए 112 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर आवंटित किए हैं। इनके माध्यम से परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच की जाएगी, ताकि प्रतिबंधित वस्तुओं को परीक्षा हॉल तक पहुंचने से रोका जा सके।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री की अपील का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में शामिल सभी पक्षों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना है। अभ्यर्थियों से नियमों का पालन करने, अभिभावकों से सहयोग बनाए रखने और परीक्षा कार्य में लगे कर्मचारियों से निष्पक्षता बरतने का आग्रह किया गया है।
करीब 10 साल बाद आयोजित हो रही इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से इंतजार और उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। ऐसे में परीक्षा का निष्पक्ष आयोजन उनके भविष्य के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
अब JTET परीक्षा की पारदर्शिता पर टिकी नजरें
JTET 2026 केवल शिक्षक पात्रता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि झारखंड की परीक्षा व्यवस्था के लिए भी एक अहम परीक्षा मानी जा रही है। मुख्यमंत्री की विशेष अपील के बाद अब सबकी नजर एक नवंबर को होने वाली परीक्षा पर है।
सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि 5.60 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 986 केंद्रों पर बिना किसी विवाद, गड़बड़ी और कदाचार के संपन्न हो। परीक्षा का सफल और पारदर्शी आयोजन राज्य के लाखों अभ्यर्थियों के भरोसे के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
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