रेलवे का बड़ा कदम: पेंशनर्स को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के साथ मिलेंगी ये खास सुविधाएं

NEWS SAGA DESK

1 नवंबर 2026 से देशभर में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान शुरू हो रहा है। रेलवे पेंशनर्स के लिए विशेष मेगा कैंप, स्वास्थ्य जांच और आधार अपडेट की सुविधा दी जाएगी।

पेंशन पाने वाले देश के लाखों बुजुर्गों और फैमिली पेंशनर्स के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। हर साल नवंबर के महीने में अपनी पेंशन जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने की जद्दोजहद से अब बुजुर्गों को मुक्ति मिलने जा रही है। केंद्र सरकार के पेंशन और पेंशनर्स कल्याण विभाग द्वारा 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक देशव्यापी ‘डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान’ का 5वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है।

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

देश के 2,000 से अधिक शहरों और जिलों में फैला यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान होगा। इस बार अभियान को केवल प्रमाण पत्र जमा करने तक सीमित न रखकर एक ‘उत्सव’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें पेंशनर्स के लिए स्वास्थ्य जांच, आधार कार्ड अपडेट और घर-घर जाकर सुविधा देने जैसे कई विशेष इंतजाम किए गए हैं।

रेलवे पेंशनर्स के लिए विशेष मेगा कैंप और विशेष केंद्र रेलवे मंत्रालय ने अपने लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए विशेष तैयारियां की हैं। भारतीय रेलवे द्वारा देशभर के विभिन्न मंडलों और जोनों में विशेष ‘मेगा कैंप’ आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में रेलवे पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स बिना किसी परेशानी के ‘जीवन प्रमाण’ (Jeevan Pramaan) पोर्टल का उपयोग करके अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे।

उदाहरण के तौर पर, दक्षिण रेलवे के सेलम डिवीजन में एक विशेष सुविधा शुरू की गई है। वहां मंडल कार्यालय के पास सेक्शन (Pass Section) में पूरे नवंबर महीने के दौरान सभी कार्यदिवसों (Working Days) पर सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक समर्पित काउंटर काम करेंगे, जहां पेंशनर सीधे जाकर अपना DLC बनवा सकते हैं। इसी तर्ज पर देश के अन्य रेलवे डिवीजनों में भी पेंशनर्स के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

स्मार्टफोन से ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ द्वारा घर बैठे बनेगा प्रमाण पत्र बढ़ती उम्र और शारीरिक असमर्थता के कारण जिन बुजुर्गों के लिए बैंक या दफ्तर जाना मुश्किल होता है, उनके लिए ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (Face Authentication) तकनीक सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरी है। इस सुविधा के जरिए पेंशनर अपने किसी भी एंड्रॉइड (Android) या आईओएस (iOS) स्मार्टफोन के कैमरे से अपने चेहरे का मिलान करके मिनटों में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। इसके लिए बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर की भी आवश्यकता नहीं होती। जो बुजुर्ग मोबाइल चलाने में असमर्थ हैं या अत्यधिक गंभीर बीमारी के कारण बाहर नहीं आ सकते, उनके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि घर-घर जाकर (Doorstep Service) डीएलसी बनाने की सुविधा भी देंगे।

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