News Saga Desk
गढ़वा और मझिआंव क्षेत्र में परचून और जनरल स्टोर की दुकानों में अवैध रूप से पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार के नेतृत्व में कई दुकानों पर औचक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान सात दुकानों में अवैध रूप से पेट्रोल का भंडारण और बोतलों में भरकर अधिक कीमत पर बिक्री किए जाने का खुलासा हुआ।
एसडीएम के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच दुकानों को मौके पर ही सील कर दिया गया, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
इन दुकानदारों पर हुई कार्रवाई
जिन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई उनमें रामसागर राम, सुकृत मेहता, उमेश मेहता, सतीश कुमार पांडेय, राधाकृष्ण मेहता, सुभाष मेहता और प्रमोद प्रसाद केसरी शामिल हैं। जांच के दौरान कई दुकानदारों ने जिन पेट्रोल पंपों से ईंधन की आपूर्ति होने की बात स्वीकार की है, अब प्रशासन उन पेट्रोल पंप संचालकों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों को नोटिस
एसडीएम संजय Kumar ने बताया कि संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जा रहा है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र में अवैध पेट्रोल बिक्री रोकने में लापरवाही बरतने के आरोप में अंचल पदाधिकारियों, थाना प्रभारियों और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से भी जवाब-तलब किया गया है।
खरीदारों पर भी होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि अब अवैध स्रोतों से पेट्रोल खरीदने वाले वाहन चालकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि परचून दुकानों, कपड़ा दुकानों या घरों में पेट्रोल का भंडारण और बिक्री पूरी तरह गैरकानूनी है और यह सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक भी है। पेट्रोल बेचने का अधिकार केवल लाइसेंसधारी पेट्रोल पंपों को ही है।
आम लोगों से प्रशासन की अपील
एसडीएम संजय कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति, अग्निकांड या दुर्घटना से बचने के लिए केवल अधिकृत पेट्रोल पंपों से ही ईंधन खरीदें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अवैध रूप से बोतलों में पेट्रोल बेचा जा रहा हो तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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