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अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रांची में बाबूलाल मरांडी और भाजपा नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। मरांडी ने झारखंड निर्माण का श्रेय वाजपेयी को दिया।

रांची। अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार को झारखंड में भाजपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विधानसभा परिसर स्थित पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह समेत कई नेताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान नेताओं ने राष्ट्रहित में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को विशेष रूप से याद किया गया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में व्यापक सम्मान रखने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के गठन में भी वाजपेयी की निर्णायक भूमिका रही और इसके लिए राज्य की जनता हमेशा उनकी ऋणी रहेगी।
अटल बिहारी वाजपेयी को बताया ‘अजातशत्रु’
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अटल बिहारी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का ‘अजातशत्रु’ बताते हुए कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही पक्षों के नेता उनका सम्मान करते थे। उनकी राजनीतिक कार्यशैली, सरलता और विनम्रता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
मरांडी ने कहा कि वाजपेयी ने सत्ता की परवाह किए बिना देशहित में बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए। पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अटलजी ने दुनिया को भारत की सामरिक क्षमता और शक्ति का परिचय कराया। उनका उद्देश्य देश को मजबूत, शक्तिशाली और समृद्ध बनाना था।
झारखंड निर्माण का श्रेय अटलजी को : बाबूलाल मरांडी
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बाबूलाल मरांडी ने अटल बिहारी वाजपेयी और झारखंड राज्य के गठन के संबंध को प्रमुखता से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब भी झारखंड की चर्चा होती है, अटल बिहारी वाजपेयी का नाम स्वतः ही लोगों के स्मरण में आता है।
मरांडी के मुताबिक, अलग झारखंड राज्य के गठन की राह आसान नहीं थी। राज्य निर्माण को लेकर कई राजनीतिक और प्रशासनिक बाधाएं थीं। जिस क्षेत्र से अलग राज्य का गठन होना था, वहां तत्कालीन सत्ता पक्ष के एक हिस्से की ओर से इसका विरोध भी किया जा रहा था।
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उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड राज्य के गठन का रास्ता साफ किया और राज्यवासियों को अलग राज्य की सौगात दी। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के लोग इसके लिए अटलजी के हमेशा ऋणी रहेंगे।
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