हिमाचल में एचआरटीसी कर्मियों का चक्का जाम ऐलान, आधी रात से थम सकते हैं सरकारी बसों के पहिए
सरकार के साथ वार्ता विफल होने के बाद यूनियन का बड़ा फैसला; लंबित वित्तीय देनदारियों और प्रदेशाध्यक्ष के तबादले को लेकर बढ़ा विवाद
रांची में एंटी ड्रग्स अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई, ब्राउन शुगर के साथ पांच तस्कर गिरफ्तार..
हिंदपीढ़ी, सुखदेवनगर और कोतवाली क्षेत्र में एसआईटी की छापेमारी; 19.97 ग्राम ब्राउन शुगर, बाइक, ऑटो और मोबाइल जब्त राजधानी रांची में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे एंटी ड्रग्स अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में की गई विशेष छापेमारी के दौरान पुलिस ने ब्राउन शुगर की अवैध खरीद-बिक्री में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से कुल 19.97 ग्राम ब्राउन शुगर, नकदी, एक बाइक, एक सीएनजी ऑटो और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सिटी एसपी पारस राणा ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रांची पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हिंदपीढ़ी, सुखदेवनगर और कोतवाली थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ब्राउन शुगर की अवैध खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक नगर और सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया। सबसे पहले मारवाड़ी कॉलेज के समीप छोटा तालाब के पास स्थित एक अर्द्धनिर्मित मकान में कार्रवाई की गई। यहां पुलिस ने दो व्यक्तियों को संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाया। जांच के दौरान दोनों ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करते हुए पकड़े गए। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मो. एहतेशाम और मो. शहादत के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा की गई तलाशी में दोनों आरोपितों के पास से कुल 13 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई, जिसका कुल वजन 1.29 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा उनके पास से 8,020 रुपये नकद भी बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि यह राशि नशीले पदार्थों की बिक्री से संबंधित हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है। इसके बाद एसआईटी ने सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के मुड़ला पहाड़, हेहल इलाके में छापेमारी की। यहां से जितेन्द्र कुमार सिंह और राहुल कुमार यादव नामक दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री में सक्रिय रूप से शामिल थे। तलाशी के दौरान इनके कब्जे से 18.6 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस ने आगे की कार्रवाई जारी रखते हुए कोतवाली थाना क्षेत्र में भी अभियान चलाया। जेपीएससी कार्यालय के समीप की गई छापेमारी में राजकुमार पुराण को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 08 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के नेटवर्क और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मो. एहतेशाम, मो. शहादत, जितेन्द्र कुमार सिंह, राहुल कुमार यादव और राजकुमार पुराण शामिल हैं। गिरफ्तार सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसे भी देखें :https://youtu.be/m0RCYMb-K00?si=HM3b_ryzN2vBePTc उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 19.97 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। इसके अलावा एक बाइक, एक सीएनजी ऑटो और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। जब्त किए गए वाहनों और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका उपयोग नशीले पदार्थों की तस्करी और वितरण में किस प्रकार किया जा रहा था। रांची पुलिस का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में राजधानी रांची में ब्राउन शुगर और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई को राजधानी में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
जनता के भरोसे चल रही है सरकार, किसी दल की मेहरबानी से नहीं: मुख्यमंत्री विजय
NEWS SAGA DESK तमिलनाडु विधानसभा के चालू सत्र का समापन मंगलवार को मुख्यमंत्री विजय के विस्तृत जवाबी भाषण के साथ हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के विभिन्न आरोपों का जवाब दिया और सरकार की नीतियों, उपलब्धियों तथा चुनौतियों पर विस्तार से अपनी बात रखी। अपने संबोधन में उन्होंने करूर घटना, कानून-व्यवस्था, नशीले पदार्थों की तस्करी, सामाजिक न्याय, गठबंधन राजनीति और राज्य की आर्थिक स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का पक्ष प्रस्तुत किया। सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री का भाषण राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना गया। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों, जनता के विश्वास और सहयोगी दलों के समर्थन के आधार पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार किसी दल की कृपा या मेहरबानी पर नहीं, बल्कि जनता के जनादेश पर आधारित है। अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने करूर की दुखद घटना का उल्लेख किया, जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक और दुखद है तथा प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस घटना की गंभीरता को समझती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस त्रासदी को राजनीतिक मुद्दा बनाकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया, जबकि सरकार का पूरा ध्यान पीड़ितों को न्याय दिलाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर केंद्रित है। विपक्ष द्वारा यह आरोप लगाए जाने पर कि सरकार अन्य राजनीतिक दलों की मदद और समर्थन के सहारे चल रही है, मुख्यमंत्री विजय ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अब एक नया हथियार लेकर आए हैं। कहा जा रहा है कि उनकी मेहरबानी से हमारी सरकार चल रही है। मैं साफ करना चाहता हूं कि यह सरकार जनता की मेहरबानी से चल रही है। जनता ने हमें जनादेश दिया है और लोकतांत्रिक शक्तियों के समर्थन से यह सरकार आगे बढ़ रही है।” मुख्यमंत्री ने गठबंधन राजनीति का बचाव करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सहयोगी दलों को सरकार में प्रतिनिधित्व देना पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यदि गठबंधन सहयोगियों को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जाता है तो इसे लेकर सवाल उठाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सभी वर्गों, समुदायों और क्षेत्रों को साथ लेकर चलने के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। सामाजिक न्याय के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति समुदाय के आठ सदस्यों को मंत्री बनाया गया है, जबकि चार महिलाएं भी मंत्री पद पर कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल प्रतिनिधित्व का प्रश्न नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता और समावेशी विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों को अवसर देने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसे भी देखें :https://youtu.be/HyCDeM9PSFw?si=tnuNboXnj7N01oo राज्य की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि सत्ता संभालते समय प्रदेश की वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद उन्होंने जनता और विधानसभा से कुछ समय मांगा था ताकि आर्थिक समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वित्तीय अनुशासन, निवेश प्रोत्साहन और विकासोन्मुख नीतियों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। कानून-व्यवस्था और नशीले पदार्थों की तस्करी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार हर आलोचना को सुनने और उसका जवाब देने के लिए तैयार है क्योंकि यह लोकतंत्र है, राजशाही नहीं। मुख्यमंत्री ने पूछा कि राज्य में नशीले पदार्थों के नेटवर्क को शुरुआती चरण में नियंत्रित करने में विफल कौन रहा। उनके अनुसार वर्तमान सरकार पिछली सरकारों की नीतिगत कमियों से पैदा हुई समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रही है और इस दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष द्वारा उनकी पार्टी और सरकार को किसी अन्य राजनीतिक दल की “बी-टीम” बताए जाने के आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी की बी-टीम नहीं, बल्कि “पीपुल्स टीम” है, जिसका उद्देश्य केवल जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने स्वतंत्र रूप से निर्णय लेते हुए उनकी सरकार का समर्थन किया है और इसे किसी राजनीतिक समझौते के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने अपने चर्चित अंदाज में कहा, “एक्शन कर रहा हूं।” उनके इस बयान के बाद सदन में हलचल और उत्साह का माहौल देखने को मिला। विधानसभा सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री का यह संवाद चर्चा का प्रमुख विषय बन गया। इससे पहले सदन की कार्यवाही पूर्व विधायक ए. चिन्नासामी और वी.एस. कालीमुथु के निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुई। सदन ने दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने चर्चा का जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा विपक्ष के आरोपों का क्रमवार उत्तर दिया।
धनबाद के कोयला क्षेत्र में अधिकारियों-अपराधियों की गठजोड़ के खिलाफ कोर्ट जाएगी आजसू: सुदेश महतो
NEWS SAGA DESK धनबाद आक्रोश रैली आजसू पार्टी ने सोमवार को अपना 39वां स्थापना दिवस धनबाद में आक्रोश रैली और जनसभा के साथ मनाया। इस अवसर पर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो और गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी समेत बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन तथा खनन क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की। रैली के दौरान नेताओं ने कोयला क्षेत्र में अधिकारियों और अपराधियों के बीच गठजोड़ का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले में कार्रवाई नहीं करती है तो पार्टी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। सुदेश महतो आक्रोश मार्च शहीद रणधीर वर्मा स्टेडियम (गोल्फ ग्राउंड) से शुरू हुआ और रणधीर वर्मा चौक, पुलिस लाइन होते हुए कोयला नगर स्थित नेहरू कॉम्प्लेक्स मैदान पहुंचा। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच निकली इस रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। नेहरू कॉम्प्लेक्स मैदान पहुंचने के बाद रैली जनसभा में तब्दील हो गई, जहां नेताओं ने राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सभा को संबोधित करते हुए गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बालू, लोहा और कोयला जैसे प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े क्षेत्रों में भ्रष्टाचार और लूट अपने चरम पर है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को प्रखंड कार्यालयों में भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सरकारी व्यवस्था जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के बावजूद युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल सके हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में युवाओं को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी स्थापना दिवस के अवसर पर यह संकल्प लेती है कि वह आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार और माफिया तंत्र के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने भ्रष्टाचार और पलायन रोकने के लिए सरकार से ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इसे भी देखें:https://youtube.com/shorts/QVdkLnRpYew?si=0pgqxaZ0puNXodFV वहीं पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने धनबाद और कोयलांचल क्षेत्र को संघर्ष और बलिदान की धरती बताते हुए कहा कि यहां के मजदूरों और स्थानीय लोगों ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन की भावना को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए अब एक बड़े जनआंदोलन की आवश्यकता है। सुदेश महतो ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा लोगों को केस-मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है तो इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद और आसपास के कोयला क्षेत्रों में अधिकारियों और अपराधियों के बीच जिस प्रकार की कथित सांठगांठ दिखाई दे रही है, वह पहले कभी देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के बजाय कुछ पैसों का लालच देकर पेड वर्कर बनाया जा रहा है, जिससे सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने बीसीसीएल और खनन क्षेत्रों में कार्यरत प्रशासनिक तंत्र की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासनिक सिंडिकेट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुदेश महतो ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार इन मामलों की जांच और कार्रवाई के लिए आगे नहीं आती है तो आजसू पार्टी न्यायालय का सहारा लेगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी धनबाद और आसपास के कोयला क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याओं को सुनेगी और प्रत्येक मुद्दे पर आंदोलन चलाएगी। अपने संबोधन में उन्होंने धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण, क्षेत्रीय आर्थिक विकास, प्रदूषण नियंत्रण और खनन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि धनबाद को उसके अधिकार और विकास का उचित हिस्सा मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के लिए मिलने वाली राशि के उपयोग पर भी सवाल खड़े किए। युवाओं को संबोधित करते हुए आजसू अध्यक्ष ने अपील की कि वे गलत व्यवस्था का हिस्सा बनने से बचें और समाज के हित में संघर्ष की भावना को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और 42 डिग्री तापमान के बीच पांच किलोमीटर लंबी पदयात्रा में लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनता के भीतर व्यवस्था के खिलाफ गहरा आक्रोश है। उन्होंने दावा किया कि नए झारखंड के निर्माण और जनसंघर्ष की नई शुरुआत धनबाद की धरती से होगी। कार्यक्रम में मांडू विधायक तिवारी महतो, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, डॉ. देवशरण भगत, प्रवीण प्रभाकर, हसन अंसारी, राजेंद्र मेहता, हरेलाल महतो सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
माध्यमिक आचार्य नियुक्ति मामला: हाई कोर्ट ने JSSC से मांगा जवाब, अभ्यर्थियों की शिकायतों पर 30 जून को अगली सुनवाई..
NEWS SAGA DESK उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट नहीं मिलने से आपत्ति दर्ज कराने का अवसर गंवाने का दावा, झारखंड हाई कोर्ट ने आयोग से मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण JSSC Secondary Teacher Recruitment Caseमाध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया (विज्ञापन संख्या-02/2025) से जुड़े विवाद ने अब न्यायिक मोड़ ले लिया है। झारखंड उच्च न्यायालय ने इस मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जवाब तलब करते हुए विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। अभ्यर्थियों द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में तकनीकी खामियों और अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लिया है। JSSC Newsइस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कई महत्वपूर्ण बिंदु अदालत के समक्ष रखे गए, जिनमें परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी (आंसर-की) और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं कराए जाने का मुद्दा प्रमुख रहा। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की वेबसाइट पर लॉगिन करने के बावजूद वे अपनी उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट नहीं देख सके, जिससे उन्हें चयन प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ा। JSSC Secondary Teacher Recruitment Case सुनवाई के दौरान न्यायालय ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां और स्पष्ट निर्देश प्राप्त कर अगली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि निर्धारित की है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि परीक्षा के परिणाम और उत्तर कुंजी जारी होने के बाद जब उन्होंने आयोग के पोर्टल पर लॉगिन करने का प्रयास किया, तो उन्हें बार-बार “यूजर डज नॉट एग्जिस्ट” का संदेश दिखाई देता रहा। इस तकनीकी समस्या के कारण वे अपनी उत्तर पुस्तिका से संबंधित विवरण नहीं देख सके। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह समस्या केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं थी, बल्कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थी इससे प्रभावित हुए थे। अभ्यर्थियों ने अदालत को बताया कि उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं होने के कारण वे निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी भी प्रश्न या उत्तर पर आपत्ति दर्ज नहीं करा सके। उनका तर्क है कि आपत्ति दर्ज कराना प्रत्येक अभ्यर्थी का वैधानिक अधिकार है और आयोग की तकनीकी विफलता के कारण वे इस अधिकार से वंचित रह गए। इससे उनकी मेरिट और अंतिम चयन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। याचिका में यह भी कहा गया कि तकनीकी समस्याओं के चलते कई अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर भी नहीं मिला। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यदि उन्हें समय पर उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराई जाती और आपत्तियां दर्ज करने का मौका मिलता, तो चयन प्रक्रिया में उनकी स्थिति बेहतर हो सकती थी। ऐसे में उन्हें चयन के अगले चरण से बाहर कर देना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस पहलू पर विशेष चिंता जताई कि यदि वास्तव में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी तकनीकी खामियों के कारण प्रभावित हुए हैं, तो यह पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। न्यायालय ने आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं हो सकी तथा इस समस्या के समाधान के लिए आयोग ने क्या कदम उठाए। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत को यह प्रतीत होता है कि तकनीकी त्रुटियों के कारण अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं, तो आयोग को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इससे प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत मिलने की संभावना भी बन सकती है। इसे भी देखें :https://youtube.com/shorts/18o6wZuGV80?si=CIHYqyvd26H8-qYy माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया राज्य में लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि हजारों अभ्यर्थी इस भर्ती के माध्यम से शिक्षक बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें 30 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब झारखंड कर्मचारी चयन आयोग अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेगा। यह सुनवाई न केवल प्रभावित अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में तकनीकी व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर भी एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित कर सकती है।
अंशुला कपूर की प्री-वेडिंग तस्वीरें आईं सामने, दुल्हन लुक ने जीता दिल
फिल्म निर्माता बोनी कपूर की बड़ी बेटी अंशुला कपूर अपने मंगेतर रोहन ठक्कर के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं।
बच्चों को सेफ कोड सिखाने का स्मार्ट तरीका – बहार की दुनिया में सुरक्षा का सीक्रेट फॉर्मूला!
आज के दौर में बच्चों की सुरक्षा केवल घर और स्कूल तक सीमित नहीं रह गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता को बच्चों को एक “सेफ कोड” या गुप्त सुरक्षा शब्द सिखाना चाहिए। यह ऐसा खास शब्द या वाक्य होता है जिसे केवल परिवार के सदस्य जानते हैं। यदि कभी कोई अनजान व्यक्ति बच्चे को लेने आए या किसी आपात स्थिति का दावा करे, तो बच्चा उससे यह कोड पूछ सकता है। सही कोड न बता पाने पर बच्चा सतर्क हो जाएगा और मदद मांगेगा। यह तरीका बच्चों को अपहरण, धोखाधड़ी और अन्य संभावित खतरों से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही बच्चों को यह भी सिखाना जरूरी है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ न जाएं, अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी भी असहज स्थिति की जानकारी तुरंत माता-पिता या भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को दें। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सही प्रशिक्षण सबसे प्रभावी हथियार हैं। एक छोटा-सा “सेफ कोड” बच्चों के लिए बड़ी सुरक्षा का साधन बन सकता है।
कर्रा में क्रिकेट मैच बना काल, वज्रपात से एक युवक की मौत, दर्जनों घायल
खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में क्रिकेट मैच के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ वज्रपात हो गया। मैदान में मौजूद खिलाड़ी और दर्शक इसकी चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। घटना के बाद मैदान में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम और आकाशीय बिजली की चेतावनी के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने की अपील की है।
अपराधियों का कच्चा चिट्ठा अब होगा एक अंगूठे की दूरी पर
पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक तथा प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अब ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसके तहत मोबाइल डिवाइस पर किसी व्यक्ति का फिंगरप्रिंट स्कैन करते ही उसका आपराधिक रिकॉर्ड तुरंत सामने आ सकेगा। इस तकनीक का उद्देश्य अपराधियों की पहचान को तेज और सटीक बनाना है, ताकि जांच और सत्यापन की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो सके। नई प्रणाली के जरिए पुलिसकर्मी मौके पर ही संदिग्ध व्यक्ति के अंगूठे या उंगलियों के निशान लेकर उन्हें केंद्रीय डेटाबेस से मिलान कर सकेंगे। यदि संबंधित व्यक्ति का कोई आपराधिक इतिहास दर्ज है, तो उसकी जानकारी कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। इससे फरार अपराधियों, वारंटियों और बार-बार अपराध करने वाले लोगों की पहचान आसान होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, इसके साथ डेटा सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देना होगा। पुलिस विभाग का कहना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी, जिससे आम लोगों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।