कोलकाता में इलाज के दौरान आफताब आलम की मौत, बर्मामाइंस में लोगों का फूटा गुस्सा

NEWS SAGA DESK

बर्मामाइंस गोलीकांड में घायल आफताब आलम की कोलकाता में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने थाना घेरा और सड़क जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी मांगी।

जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना ने मंगलवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब गंभीर रूप से घायल आफताब आलम की मौत कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। आफताब आलम को 2 अगस्त की रात मुस्लिम बस्ती स्थित कंटेनर यार्ड में बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। हमले में उसे कई गोलियां लगी थीं और उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी।

मंगलवार तड़के कोलकाता के अस्पताल में आफताब आलम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की खबर जमशेदपुर पहुंचते ही परिजनों, दोस्तों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग बर्मामाइंस थाना पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाना परिसर का घेराव किया।

थाना घेराव के बाद सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी

आफताब आलम की मौत से नाराज प्रदर्शनकारियों ने बर्मामाइंस थाना के समीप मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। विरोध जताने के लिए सड़क के बीच टायर जलाए गए। इससे कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक इलाके में विरोध प्रदर्शन जारी था।

स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि बर्मामाइंस गोलीकांड में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और घटना के पीछे की वजह का खुलासा किया जाए।

कंटेनर यार्ड में हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग

जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त की रात आफताब आलम अपने कुछ साथियों के साथ बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के मुस्लिम बस्ती स्थित कंटेनर यार्ड में बैठा था। इसी दौरान बाइक पर सवार करीब छह बदमाश वहां पहुंचे और आफताब पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

गोलीबारी में आफताब आलम को छह गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया था। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई।

नशे के कारोबार से जुड़े विवाद का आरोप

आफताब आलम के परिजनों और साथियों ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि गोलीबारी की घटना के पीछे नशे के कारोबार से जुड़े लोगों का हाथ हो सकता है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।

परिजनों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले आफताब पुलिस की ओर से आयोजित नशा मुक्ति रैली में भी शामिल हुआ था। इसी वजह से भी घटना को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

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आफताब आलम का शव कोलकाता से जमशेदपुर लाया जा रहा है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। शव पहुंचने के बाद इलाके में तनाव और बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है।

मामले में बर्मामाइंस थाना पुलिस ने 11 नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। नामजद आरोपियों में शहनवाज उर्फ भोंदू, मो. रेहान, आयन, मो. शाहरुख, मो. इमरान, मो. समद, रानी परवीन, अंगूरी बेगम, कुलसुम बीवी, बगुली और उदय महतो शामिल हैं।

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