रांची में तेज़ बारिश , 10 तक रहेगा घना कोहरा
बंगाल की खाड़ी में बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन से झारखंड का मौसम बिगड़ेगा। राज्य के अधिकतर हिस्सों में रविवार और सोमवार को बारिश होने के आसार हैं।
बांग्लादेशी और रोहिंग्या भारत में घुसने के बाद सबसे पहले करते हैं यह काम, बीजेपी एमपी का बड़ा दावा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बांग्लादेशी मुसलमान और रोहिंग्या को लेकर बड़ा दावा किया।
20 साल बाद मसूद अजहर के स्पीच देने का दावा
कहा- मोदी कमजोर, नेतन्याहू चूहा; क्या 300 लोग नहीं जो मेरी बाबरी वापस दिला सकें
वेलिंग्टन टेस्ट- इंग्लैंड की बढ़त 500 पार
दूसरे दिन स्कोर 378/5, रूट 73 रन पर नाबाद; एटकिंसन की हैट्रिक से न्यूजीलैंड 125 पर सिमटा
1 लाख के लिए 2 महीने के बेटे की हत्या
भागलपुर। भागलपुर में 1 लाख रुपए दहेज के लिए पिता ने अपने 2 महीने के बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी दहेज के लिए हमेशा अपनी पत्नी से लड़ता था, कहता था, ‘ये मेरा नहीं, नाजायज बच्चा है। 1 लाख रुपए अपने मायके से लेकर आओ तब रखेंगे।’
बिहार में 7693 युवाओं ने फर्जीवाड़ा कर लिया बेरोजगारी भत्ता
बिहार में बेरोजगारी भत्ता (सीएम निश्चय स्वयं सहायता भत्ता) योजना का फर्जी तरीके से फायदा लिया जा रहा है। जिन युवाओं को योजना का लाभ मिलना चाहिए, उन्हें नहीं मिल रहा। योजना विकास विभाग की इंटरनल रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। अब सरकार ऐसे युवाओं से राशि वसूलने में जुट गई है, जिन्होंने गलत तरीके के योजना का लाभ लिया है।
कोयला कारोबारी के घर पर अंधाधुंध फायरिंग
लातेहार में कोयला व्यवसायी मुकेश सिंह के आवास पर शुक्रवार शाम फायरिंग की गई। बाइक पर आए बदमाश घर पर अंधाधुंध फायरिंग कर भाग निकले।
सीएम के बाद वित्त मंत्री के पास सर्वाधिक बजट
हेमंत कैबिनेट के 11 मंत्रियों को विभाग आवंटित कर दिए गए हैं। पिछली सरकार में झामुमो, कांग्रेस और राजद के पास जो विभाग थे, इस बार भी वही विभाग मिले हैं। विभागों के बजट बताते हैं कि जेएमएम के चार मंत्रियों से अधिक कांग्रेस कोटे के मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बजट है।
जीवेम शरद: शतम् !
आमतौर पर बुढ़ापा को अशक्तता, रोग, व्याधि और दुर्बलता आदि के कारण जीवन का सबसे भयावह दौर माना जाता है। परिवार की संरचना में बदलाव और भागदौड़ भरी ज़िंदगी में बुढ़ापे की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। परंतु जीवन शैली में सुधार, दृष्टिकोण में सकारात्मकता, सावधानी बरतने और सहयोग लेने से इस दुखदायी अवधि को बहुत हद तक एक भाग्यशाली उम्र के रूप में बदला जा सकता है। जीवन के नियम आपके अपने हाथ में हैं इसलिए अच्छी तरह जिएँ और सब कुछ शांति से स्वीकार करें।