बिहार मौसम अपडेट: 18 अक्टूबर तक बारिश के आसार कम, बढ़ेगी गर्मी

NEWS SAGA DESK

बिहार में 18 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। जानें बारिश की संभावना, तापमान का हाल और रबी फसलों की बुआई से जुड़ी जरूरी जानकारी।

बिहार में मानसून की विदाई के बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा है। राज्य के कई जिलों में दिन के समय तेज धूप निकलने से गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच लोगों की नजरें अब बारिश की संभावना और तापमान के उतार-चढ़ाव पर टिकी हैं।

बिहार में मानसून की विदाई के बाद मौसम का मिजाज

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 14 से 18 अक्टूबर तक बिहार के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान व्यापक बारिश के आसार कम हैं। हालांकि, 17 और 18 अक्टूबर के आसपास राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की छिटपुट बारिश हो सकती है। ऐसे में फिलहाल लोगों को दिन की गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है।

18 अक्टूबर तक कैसा रहेगा बिहार का मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में बिहार के अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है। बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण दिन के तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग जिलों में मौसम में कुछ अंतर देखने को मिल सकता है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य में अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह के समय वातावरण में नमी अपेक्षाकृत अधिक रह सकती है, जबकि दोपहर में नमी कम होने से गर्मी का एहसास बढ़ सकता है।

इस दौरान पूरब दिशा से 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। फिलहाल उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, किसी भी जिले के लिए मौसम संबंधी विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।

किसानों के लिए रबी फसलों की तैयारी का समय

बिहार में मौसम शुष्क रहने का असर खेती-किसानी की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। यह समय किसानों के लिए रबी फसलों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। खरीफ फसलों के बाद अब किसान रबी की बुआई और खेतों की तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, सरसों की बुआई अक्टूबर के तीसरे सप्ताह तक पूरी करने का प्रयास करना चाहिए। वहीं, चने की बुआई 15 अक्टूबर से शुरू करने की सलाह दी गई है। हालांकि, फसलों की बुआई का सही समय स्थानीय मौसम, मिट्टी की स्थिति, उपलब्ध नमी और संबंधित कृषि क्षेत्र की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि बुआई से पहले खेतों की नमी का आकलन करें और जरूरत के अनुसार खेत तैयार करें। अपने जिले के कृषि विभाग या कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर बीज का चयन और बुआई की योजना बनाना भी फायदेमंद हो सकता है।

बारिश की संभावना कम रहने पर खेतों में नमी बनाए रखने और सिंचाई की जरूरत का आकलन करना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, किसी भी कृषि कार्य का निर्णय स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए

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